श्रावण पूर्णिमा तिथि पर दो दिन पड़ने के कारण श्रावणी उपाकर्म का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। शुक्ल यजुर्वेदी ब्राह्मण 11 अगस्त को और सामवेद व अथर्व वेद को मानने वाले ब्राह्मण उदयातिथि के अनुसार 12 अगस्त को उपाकर्म करेंगे। 11 अगस्त को भद्रा लगने के कारण प्रदोष काल में शाम को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। वहीं ऋग्वेदी ब्राह्मण भाद्र कृष्ण पंचमी तिथि पर श्रावणी उपाकर्म करेंगे।
रक्षाबंधन की तिथि पर लेकर असमंजस की स्थिति है। दो दिन पूर्णिमा होने और भद्रा की छाया पड़ने के कारण शुभ मुहूर्त कम समय के लिए ही मिल रहा है। भृगु संहिता विशेषज्ञ पं. वेदमूर्ति शास्त्री ने बताया कि पूर्णिमा की तिथि 11 अगस्त को सुबह 9:35 से 12 अगस्त सुबह 7:17 बजे तक रहेगी। पाताललोक की भद्रा होने के कारण शुक्ल यजुर्वेदी व कृष्ण यजुर्वेदी ब्राह्मण वेदानुसार तीन प्रहर की पूर्णिमा में ही श्रावणी करते हैं। इसलिए 11 अगस्त को श्रावणी उपाकर्म करेंगे।
सामवेद और अथर्ववेद को मानने वाले ब्राह्मण उदयातिथि के अनुसार 12 अगस्त को श्रावणी करेंगे। पं. शास्त्री ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा का मान दो दिन हो रहा है लेकिन रक्षाबंधन का महापर्व 11 अगस्त को ही मनाया जाएगा। धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु धर्मग्रंथों में दिए गए आख्यान के आधार पर प्रतिपदा युक्त पूर्णिमा में 12 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाना उचित नहीं होगा।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार चंद्रमा यदि कन्या, तुला, धनु और मकर राशि में से किसी एक में रहता है तो उस दिन पाताल में भद्रा होता है। पाताली भद्रा तीन प्रहर के बाद धरती पर शुभफलदायी हो जाती है। इस आधार पर प्रदोष काल में सायं पांच से छह बजे के बीच रक्षा बंधन किया जा सकता है। वहीं अगर पूर्ण शुभ मुहूर्त की बात है तो रात्रि 08:25 के बाद मिलेगा और इस दौरान रक्षाबंधन किया जा सकता है।
रक्षाबंधन के लिए अशुभ है उदयातिथि की पूर्णिमा
भृगु संहिता विशेषज्ञ पं. वेदमूर्ति शास्त्री के अनुसार रक्षाबंधन के लिए उदया तिथि की पूर्णिमा अशुभ मानी जाती है। 11 अगस्त को पूर्णिमा सुबह 09:35 बजे से आरंभ हो जाएगी। उदय काल से ही भद्रा भी लग जाएगी। ऋ षिकेष पंचांग के अनुसार भद्रा की समाप्ति रात्रि 08:25 बजे होगी।
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Raksha Bandhan
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वहीं विश्व पंचांग के अनुसार भद्रा की शुरुआत सुबह 09:44 बजे और समापन रात्रि 8:34 बजे होगा। टीकमाणी संस्कृत महाविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. आमोद दत्त शास्त्री ने बताया कि 11 अगस्त का ही पूर्णिमा एवं श्रवण नक्षत्र का योग मिल रहा है। इसलिए प्रात: 9:35 बजे के बाद श्रावणी उपाकर्म होगा।