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Shani Amavasya: 2019 की पहली अमावस्या पर बन रहा अनूठा संयोग, इन राशियों के लोग रखें विशेष ध्यान
Sat, 05 Jan 2019 08:36 PM IST
kapil kumar
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: kapil kumar
Updated Sat, 05 Jan 2019 08:36 PM IST
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वर्ष 2019 का पहला शनिवार धार्मिक रूप से काफी शुभ है क्योंकि पांच जनवरी को शनि अमावस्या का योग बन रहा है यह योग बेहद फलदाई सिद्ध होगा। इस वर्ष की पहली अमावस्या शनिवार को पड़ रही है। जिससे शनि देव के शुभ दिन अर्थात शनिवार को ही अमावस्या की पूजा विधि विधान से करने पर शनि दोषों से मुक्ति मिलेगी। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : self
काशी के ज्योतिषविद् विमल जैन ने बताया कि इस वर्ष की पहली अमावस्या संयोग से शनिवार पांच जनवरी को पड़ रही है। यह अमावस्या शुक्रवार चार जनवरी की आधी रात 4:58 बजे से लगेगी जो रविवार 6 जनवरी को सुबह 6:58 बजे तक रहेगी।
दशाश्वमेध घाट पर स्नान करते श्रद्वालु
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान भक्तगण स्नान दान श्राद्ध जैसे कर्म शनि अमावस्या पर कर सकते हैं। शनि अमावस्या पर शनिदेव की विधि विधान से पूजा करने पर सुख समृद्धि प्राप्त होती है और शनि ग्रह के दोषों से निजात मिलता है। विमल जैन ने बताया कि शनि अमावस्या पर पित्र दोष की शांति और कालसर्प दोष का निवारण विशेष रूप से मंगलकारी होता है।
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- फोटो : self
उन्होंने बताया कि वृषभ और कन्या राशि पर शनि ग्रह की अढ़ैया चल रही है जबकि वृश्चिक, धनु और मकर राशि पर शनि के साढ़ेसाती का प्रभाव है। इन राशियों के जातकों पर शनि अमावस्या का कठिन और विषम प्रभाव पड़ने वाला है जिसमें मौसम में परिवर्तन और अप्रत्याशित विषम घटनाएं घटित हो सकती हैं।
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ऐसे में शनि देव को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण व्रत रखकर और विधि विधान से पूजा कर सकते हैं। व्रत करने वाला व्यक्ति सुबह स्नान, ध्यान और अपने इष्ट देव की पूजा करने के बाद शनि व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन निराहार व्रत रखकर शाम के समय फिर से स्नान करके शनिदेव की विधि विधान से पूजा करें।