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जब गांव की गलियों से निकला जवान का पार्थिव शरीर, हर आंख हो गई नम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 28 Sep 2018 02:38 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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यूपी के बलिया निवासी सेना के जवान हेमंत कुमार पांडे (37) की मंगलवार शाम जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक होने से मौत हो गई। सेना के जवान का शव पैतृक गांव सिसवार कला पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। गांव की गलियों से जब जवान का पार्थिव शरीर निकल रहा था, वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में आंसू थे। आगे की स्लाइड्स में देखें...
जवान के घर पर लोगों की भीड़
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जहां एक तरफ हेमंत कुमार पांडे की मां लालमुनी की बिलख रहीं थी तो दूसरी तरफ उनकी पत्नी सीमा की दहाड़ लोगों की आंखें नम कर दे रही थीं। बेटा संस्कार और बेटी संस्कृति की आंखें उस ताबूत को निहार रही थी, जिसमें उनके पापा का शव तिरंगे में लिपटा हुआ था।
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देश की रक्षा का जज्बा लिए सेना में भर्ती हुए हेमंत पांडेय की मौत का समाचार क्षेत्र में तेजी से फैला, हजारों की संख्या में भीड़ उनके दरवाजे पर पहुंची। चार भाइयों में तीसरे नंबर के हेमंत ही एक मात्र घर का सदस्य थे, जो सरकारी नौकरी में थे। बाकी भाइयों में दो प्राइवेट नौकरी में हैं, वहीं सबसे छोटा भाई गांव में रहकर खेती का काम करता है।
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हेमंत कुमार का एक 12 साल का बेटा संस्कार और एक आठ साल की बेटी संस्कृति है। बीते जून में रांची में पोस्टिंग के दौरान गांव में एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे। इसके बाद उनका तबादला जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में कर दिया गया था।
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हेमंत कुमार 68 बटालियन एमटीएम के जवान थे। हेमंत का निजी जीवन भी सादगी से भरा था। अपने सरल स्वभाव के कारण हेमंत हमेशा गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे। उसकी देखरेख में गांव में बहुत से युवा सेना में भर्ती हुए हैं।