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चालाकी भी काम न आई: साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाया ये तरीका, फिर भी खाते से उड़ गए पांच लाख रुपये
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 26 Mar 2026 10:13 AM IST
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सार
खाता फ्रीज होने के बावजूद साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के खाते से 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
आगरा में साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से पांच लाख रुपये निकाल लिए, जबकि पीड़ित ने धोखाधड़ी की आशंका पर अपना खाता फ्रीज करा दिया था। यह घटना पंजाब नेशनल बैंक की फतेहाबाद रोड शाखा में हुई। बैंककर्मी की सलाह पर पीड़ित ने मोबाइल नंबर बदलने और डेबिट फ्रीज हटाने का आवेदन दिया था। मोबाइल नंबर बदलता इससे पहले ठगी हो गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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ताजगंज निवासी उमेश दत्त गुप्ता के साथ यह ठगी हुई। उन्होंने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से पंजाब नेशनल बैंक के नाम से फर्जी नंबरों से कॉल आ रही थीं, जिसमें खाते से पैसे निकालने की कोशिश की जा रही थी। इससे सतर्कता बरतते हुए उन्होंने 4 जनवरी को बैंक के ग्राहक सेवा नंबर पर कॉल कर अपने खाते को फ्रीज करा दिया था। इसके बाद, 13 जनवरी को वह बैंक शाखा पहुंचे और शाखा प्रबंधक उत्कर्ष अग्रवाल को पूरी जानकारी दी।
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उमेश के मुताबिक, प्रबंधक ने उन्हें बैंक अधिकारी शिमी होडा से संपर्क करने को कहा, जिनकी सलाह पर उन्होंने नया मोबाइल नंबर जोड़ने और डेबिट फ्रीज हटाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। उन्हें यह भी बताया गया था कि खाते की राशि फ्लेक्सी मोड में रखी जाएगी। 14 जनवरी को सुबह 11:31 बजे संपर्क करने पर शाम तक कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन उसी दिन शाम 5:11 बजे उनके खाते से पांच लाख रुपये दूसरे खातों में आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर हो गए।
पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक की सभी सेवाएं ब्लॉक कराईं। थाना प्रभारी साइबर क्राइम ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से बैंक की कार्य प्रणाली पर भी पीड़ित ने सवाल उठाए हैं। बैंक कर्मियों से बात कर उनका भी पक्ष जाना जाएगा।