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UP: चार महीने के लिए खर्च किए 75 लाख रुपये, पोइया पर बनाया जो पांटून पुल; इसलिए हटाया जाएगा
Tue, 30 Jun 2026 11:36 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:36 AM IST
सार
मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए दयालबाग के पोइया घाट पर बना पांटून पुल हटा दिया गया, जिससे आवागमन बंद हो गया। पुल पर करीब 75 लाख रुपये खर्च होने के बाद चार महीने में हटाए जाने को लेकर सरकारी धन की बर्बादी के आरोप भी लगाए गए हैं।
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पोइया घाट यमुना नदी पर बने पांटून पुल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के दयालबाग स्थित पोइया घाट यमुना नदी पर बने पांटून पुल से चार महीने में 75 लाख रुपये पानी में बह गए। सोमवार को पुल उखाड़ लिया गया। इससे आवागमन बंद हो गया। दिनभर वाहन लौटते रहे। राहगीर जब पुल पर पहुंचे तो उन्हें पट्टे निकले मिले। उन्हें वैकल्पिक मार्गों से गंतव्य तक सफर तय करना पड़ा।
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लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके यादव का कहना है कि मानसून में बाढ़ नियंत्रण के लिए पुल को हटाया जा रहा है। पांटून पुल अस्थायी रूप से बनाया गया था। इधर, पुल के नाम पर बाबरपुर निवासी भगवान सिंह ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर सरकारी धन की बर्बादी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 75 लाख रुपये चार महीने में पानी में बह गए। हालांकि यहां सेतु निगम ने पक्के पुल का प्रस्ताव भी बनाया है लेकिन इसका निर्माण कब होगा, यह फिलहाल तय नहीं।
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लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-2 ने फरवरी में इस पुल बनाया था। पीपों पर तख्ते लगाए थे लेकिन पुल पर राहगीरों की मुश्किलें लगातार बनी रहीं। चार महीने में कई बार पुल के पट्टे उखड़ गए। जाम के हालात बने। इसके मद्देनजर पीडब्ल्यूडी ने यहां सूर्यास्त के बाद आवागमन प्रतिबंधित कर रखा था। भारी वाहनों पर भी रोक लगाई थी। जन प्रहरी संस्था संयोजक नरोत्तम सिंह का कहना है कि बटेश्वर, कैंजरा, पिनाहट सहित विभिन्न नदियों पर पांटून पुल के नाम पर पीडब्ल्यूडी हर साल करोड़ों रुपये पानी में बहा रहा है। दस साल में 20 करोड़ से अधिक खर्च हो चुके हैं। पुल बनाने और हटाने के नाम पर हर साल भ्रष्टाचार हो रहा है।
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लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके यादव का कहना है कि मानसून में बाढ़ नियंत्रण के लिए पुल को हटाया जा रहा है। पांटून पुल अस्थायी रूप से बनाया गया था। इधर, पुल के नाम पर बाबरपुर निवासी भगवान सिंह ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर सरकारी धन की बर्बादी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 75 लाख रुपये चार महीने में पानी में बह गए। हालांकि यहां सेतु निगम ने पक्के पुल का प्रस्ताव भी बनाया है लेकिन इसका निर्माण कब होगा, यह फिलहाल तय नहीं।
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