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UP: पांच मिनट में लगाए चार इंजेक्शन...झोलाछाप की इस हरकत से प्रसूता की मौत, लाश छोड़कर भाग गया स्टाफ
Thu, 11 Dec 2025 02:45 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 11 Dec 2025 02:45 AM IST
सार
आगरा के बाह में झोलाछाप की हरकत की वजह से प्रसूता की जान चली गई। झोलाछाप ने प्रसूता को पांच मिनट में चार इंजेक्शन लगाए। विवाहिता की मौत के बाद स्टाफ शव को छोड़कर भाग गया।
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प्रसूता की मौत: मृतका सुमन
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विस्तार
आगरा के बाह स्थित न्यू लाइट हॉस्पिटल में झोलाछाप ने प्रसव करा दिया। हालत खराब होने पर पांच मिनट में चार इंजेक्शन लगा दिए। इससे प्रसूता की मौत हो गई। स्टाफ शव को छोड़कर भाग गया। परिजन ने प्रसूता की मौत के बाद जमकर हंगामा मचाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। ये अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहा था। इसे सील कर दिया है। नवजात को सीएचसी में भर्ती कराया है। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
जैतपुर के क्यारी गांव निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि पत्नी सुमन (30) पांचवीं बार गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा हाेने पर मंगलवार की शाम करीब 4 बजे न्यू लाइट हॉस्पिटल में पत्नी को भर्ती कराया। सामान्य प्रसव 50 हजार रुपये भी जमा करा लिए। आधी रात में हालत बिगड़ने पर सुमन को सरकारी अस्पताल में लेकर जाने को कहने लगे। बुधवार की सुबह 6 बजे सुमन ने बेटे को जन्म दिया। कुछ देर बाद सुमन के हाथ-पैरों में अकड़ने लगे और घबराहट होने लगी। स्टाफ ने 2-3 मिनट में 4 इंजेक्शन लगा दिए। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई, लेकिन अस्पताल उसे बेहोश बताता रहा। स्टाफ ने कहा कि हालत गंभीर है, इसे आगरा बड़े अस्पताल लेकर जाना होगा। ये कहते हुए 30 हजार रुपये और जमा करा लिए।
एंबुलेंस में प्रसूता को लिटाकर स्टाफ अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया। परिजनों ने जब देखा तो सुमन की सांस नहीं चल रही थी, इससे परिजन का गुस्सा फूट पड़ा। वे शव लेकर थाने पहुंचे। बाह पुलिस ने न्यू लाइट हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। विभाग की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। सीएचसी बाह के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि नवजात को सीएचसी पर भर्ती किया गया है। बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे न्यू लाइट हॉस्पिटल को सील कर दिया है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि बिना पंजीकरण के अस्पताल कैसे संचालित हो रहा था, इसकी रिपोर्ट सीएचसी प्रभारी से मांग रहा हूं।
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एनबीएसयू में नवजात ने खोली आंखें, छिना मां का साया
बेटे को जन्म देने के बाद सुमन की मौत हो गई। नवजात को बाह सीएचसी के एनबीएसयू (नवजात स्थिरीकरण इकाई) में भर्ती किया गया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि नवजात को रेडियंट वार्मर में रखा गया है, फीडिंग कराई गई है। नवजात का वजन 2 किलो है। एनबीएसयू में नवजात ने आंखें खोली तो उसके सामने मां तो नहीं थी, स्टाफ नर्स मीनेश ने उसे दुलारा। नवजात के साथ 4 बेटियों परी (10), पूजा (8), हंसाे (6), गौरी (4) से भी मां की ममता छिन गई है। अस्पताल में मौजूद भांजे मनीष एवं जेठानी रेखा ने बताया कि बार-बार टोकने के बाद भी अस्पताल का स्टाफ रुपये ऐंठता रहा।
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जैतपुर के क्यारी गांव निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि पत्नी सुमन (30) पांचवीं बार गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा हाेने पर मंगलवार की शाम करीब 4 बजे न्यू लाइट हॉस्पिटल में पत्नी को भर्ती कराया। सामान्य प्रसव 50 हजार रुपये भी जमा करा लिए। आधी रात में हालत बिगड़ने पर सुमन को सरकारी अस्पताल में लेकर जाने को कहने लगे। बुधवार की सुबह 6 बजे सुमन ने बेटे को जन्म दिया। कुछ देर बाद सुमन के हाथ-पैरों में अकड़ने लगे और घबराहट होने लगी। स्टाफ ने 2-3 मिनट में 4 इंजेक्शन लगा दिए। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई, लेकिन अस्पताल उसे बेहोश बताता रहा। स्टाफ ने कहा कि हालत गंभीर है, इसे आगरा बड़े अस्पताल लेकर जाना होगा। ये कहते हुए 30 हजार रुपये और जमा करा लिए।
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एंबुलेंस में प्रसूता को लिटाकर स्टाफ अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया। परिजनों ने जब देखा तो सुमन की सांस नहीं चल रही थी, इससे परिजन का गुस्सा फूट पड़ा। वे शव लेकर थाने पहुंचे। बाह पुलिस ने न्यू लाइट हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। विभाग की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। सीएचसी बाह के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि नवजात को सीएचसी पर भर्ती किया गया है। बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे न्यू लाइट हॉस्पिटल को सील कर दिया है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि बिना पंजीकरण के अस्पताल कैसे संचालित हो रहा था, इसकी रिपोर्ट सीएचसी प्रभारी से मांग रहा हूं।
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एनबीएसयू में नवजात ने खोली आंखें, छिना मां का साया
बेटे को जन्म देने के बाद सुमन की मौत हो गई। नवजात को बाह सीएचसी के एनबीएसयू (नवजात स्थिरीकरण इकाई) में भर्ती किया गया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि नवजात को रेडियंट वार्मर में रखा गया है, फीडिंग कराई गई है। नवजात का वजन 2 किलो है। एनबीएसयू में नवजात ने आंखें खोली तो उसके सामने मां तो नहीं थी, स्टाफ नर्स मीनेश ने उसे दुलारा। नवजात के साथ 4 बेटियों परी (10), पूजा (8), हंसाे (6), गौरी (4) से भी मां की ममता छिन गई है। अस्पताल में मौजूद भांजे मनीष एवं जेठानी रेखा ने बताया कि बार-बार टोकने के बाद भी अस्पताल का स्टाफ रुपये ऐंठता रहा।