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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अब AI की नजर: रॉन्ग साइड चलाते ही कंट्रोल रूम को मिलेगा अलर्ट, हादसों पर लगेगी लगाम
Mon, 06 Jul 2026 10:28 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 06 Jul 2026 10:28 AM IST
सार
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक एटीएमएस कंट्रोल रूम तैयार हो गया है, जिससे 100 किलोमीटर तक वाहनों की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी। हर किलोमीटर पर सीसीटीवी और हर दो किलोमीटर पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स जैसी सुविधाओं से दुर्घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) कंट्रोल रूम बनकर तैयार हो गया है। इसके संचालन के बाद एक्सप्रेसवे पर 0 से 100 किलोमीटर तक वाहनों की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी। किसी भी वाहन की ओवरस्पीड, दुर्घटना, ब्रेकडाउन अथवा अन्य आपात स्थिति की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी, जिससे राहत एवं बचाव दल को बिना देरी मौके पर भेजा जा सकेगा।
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कंट्रोल रूम में 9 मीटर लंबी और 2 मीटर चौड़ी अत्याधुनिक एलईडी वीडियो वॉल लगाई गई है। वहीं, सीएमएस (वैरिएबल मैसेज साइन) के माध्यम से वाहन चालकों को मौसम, दुर्घटना, जाम, डायवर्जन और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी। एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा से आने वाले वाहनों की पहचान के लिए व्हीकल इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। इसके जरिये रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को मिल जाएगी, जिससे समय रहते कार्रवाई कर हादसों को रोका जा सकेगा।
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केवल कनेक्टिविटी का कार्य शेष
निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अब प्रत्येक एक किलोमीटर की दूरी पर उच्च गुणवत्ता वाले नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैमरे लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और केवल कनेक्टिविटी का कार्य शेष है। पहले कैमरे प्रत्येक पांच किलोमीटर पर लगे थे। इसके अलावा प्रत्येक दो किलोमीटर पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में यात्री सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अब प्रत्येक एक किलोमीटर की दूरी पर उच्च गुणवत्ता वाले नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैमरे लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और केवल कनेक्टिविटी का कार्य शेष है। पहले कैमरे प्रत्येक पांच किलोमीटर पर लगे थे। इसके अलावा प्रत्येक दो किलोमीटर पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में यात्री सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी राधा मोहन द्विवेदी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक से सभी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। एटीएमएस, सीसीटीवी नेटवर्क, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और अन्य सुरक्षा प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय होने के बाद यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। इन व्यवस्थाओं से दुर्घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी और एक्सप्रेसवे पर यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनेगी।