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UP: सपा की पीडीए की काट के लिए पिछड़ा वर्ग में संतुलन बना रही भाजपा, गीता को बनाया ब्रज क्षेत्र प्रभारी

Mon, 10 Aug 2026 12:00 PM IST
Dhirendra Singh प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 10 Aug 2026 12:00 PM IST
सार

भाजपा ने गीता शाक्य को ब्रज क्षेत्र का प्रभारी बनाकर गैर यादव ओबीसी वोटों को साधने और सपा के पीडीए फॉर्मूले की काट तैयार करने की कोशिश की है। क्षेत्रीय अध्यक्ष पद पर पूरन लाल लोधी की नियुक्ति के बाद शाक्य समाज को संगठन में प्रतिनिधित्व का संदेश देने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।

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BJP Counters SP’s PDA Strategy with OBC Balancing Act Appoints Geeta Shakya as Braj In-Charge
राज्यसभा सांसद गीता शाक्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

संगठन का लंबा अनुभव रखने वाली राज्यसभा सांसद और प्रदेश महामंत्री गीता शाक्य को ब्रज क्षेत्र के प्रभारी की जिम्मेदारी देकर भाजपा ने समाजवादी पार्टी के पीडीए फॉर्मूले की काट के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी अब गैर यादव पिछड़े वर्ग को साथ लेने के लिए कदम उठा रही है। पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि ब्रज क्षेत्र में लोध क्षेत्रीय अध्यक्ष और शाक्य क्षेत्रीय प्रभारी की जुगलबंदी के सहारे सियासी पकड़ मजबूत होगी।
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हाल ही में हुए सांगठनिक फेरबदल के तहत भाजपा ने दुर्विजय सिंह शाक्य की जगह पूरन लाल लोधी को ब्रज क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस फैसले के बाद परंपरागत शाक्य मतदाताओं के छिटकने का बड़ा जोखिम पैदा हो गया था। ब्रज और आसपास के कई जिलों जैसे एटा, बदायूं, मथुरा, आगरा, मैनपुरी, कासगंज, फिरोजाबाद, बरेली में शाक्य, मौर्य और कुशवाहा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

 
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ऐसे में दुर्विजय सिंह शाक्य को हटाए जाने के बाद सपा के पीडीए दांव के सामने शाक्य समाज में अनदेखी का संदेश नहीं जाए। इसी कारण भाजपा ने गीता शाक्य को ब्रज क्षेत्र में अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इस कदम के जरिए पार्टी ने लोधी और शाक्य दोनों अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जातियों को संगठन में पूरा प्रतिनिधित्व दिए जाने का संदेश देने का प्रयास किया है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा का यह फैसला सीधे तौर पर गैर यादव ओबीसी वोट बैंक को अपने पाले में एकजुट रखने की सोची-समझी रणनीति है।

 
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