{"_id":"619796cc6f6c5046355fc1c0","slug":"bjp-mp-hema-malini-statement-on-farm-laws-repeal","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कृषि कानून वापसी पर बोलीं हेमा मालिनी: कुछ किसान कर रहे थे इसका विरोध, इसलिए सरकार ने किया निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि कानून वापसी पर बोलीं हेमा मालिनी: कुछ किसान कर रहे थे इसका विरोध, इसलिए सरकार ने किया निरस्त
Fri, 19 Nov 2021 05:51 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 19 Nov 2021 05:51 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकाश पर्व के अवसर पर तीनों कृषि कानून को वापस लेने की घोषणा करके सबको चौंका दिया। जानिए मथुरा की भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने इस पर क्या कहा है ?
विज्ञापन
भाजपा सांसद हेमा मालिनी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कृषि कानूनों की वापसी पर मथुरा की भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा कि ये तीनों कानून किसानों के लिए बहुत अच्छे थे, लेकिन कुछ किसान इसके विरोध में थे। इसलिए केंद्र सरकार ने तीनों कानूनों को रद्द किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा किसानों के लिए समर्पित है। वहीं कानून वापसी पर जिले के किसानों ने खुशी जताई है।
विज्ञापन
प्रकाश पर्व के अवसर पर भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने शुक्रवार को मथुरा के मसानी स्थित गुरुद्वारा में मत्था टेका। इसके बाद सांसद का अनोखा अंदाज देखने को मिला। उन्होंने ट्रैक्टर चलाकर भाजपा किसान मोर्चा की रैली को रवाना किया। इससे पूर्व भाजपा सांसद ने गणेशरा स्टेडियम में सांसद खेल स्पर्धा का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
किसानों ने जताई खुशी
कृषि कानूनों की वापसी पर भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। किसान नेताओं का कहना है कि यह किसानों के संघर्ष का नतीजा है जो केंद्र सरकार को तीनों कृषि सुधार कानून वापस लेने पड़े।
कृषि कानूनों की वापसी पर भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। किसान नेताओं का कहना है कि यह किसानों के संघर्ष का नतीजा है जो केंद्र सरकार को तीनों कृषि सुधार कानून वापस लेने पड़े।