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गजब का खेल: आईजीआरएस की हालत...जनसुनवाई में फर्जी निस्तारण का खुलासा, मंडलायुक्त ने अफसरों से मांगा जवाब
Tue, 30 Jun 2026 10:27 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 30 Jun 2026 10:27 AM IST
सार
आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के फर्जी निस्तारण और खराब फीडबैक मिलने पर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने कई विभागों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने निर्देश दिए कि फरियादी से बात किए बिना किसी भी शिकायत का निस्तारण नहीं किया जाएगा।
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मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप
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विस्तार
जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का फर्जी निस्तारण जारी है। अधिकारियों का लापरवाह रवैया खत्म नहीं हो रहा। सोमवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने समीक्षा में यह स्थिति पाई। उप निदेशक पंचायत, सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, आबकारी, विद्युत, श्रम विभाग के निस्तारण से फरियादी नाखुश मिले। मंडलायुक्त ने सभी से स्पष्टीकरण तलब किया है। हालांकि मंडल की रैंक 15 से नौवें स्थान पर पहुंच गई है।
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मंडलायुक्त ने खराब फीडबैक वाले विभागाध्यक्षों से कहा कि फरियादी से वार्ता किए बिना किसी शिकायत का निस्तारण नहीं होना चाहिए। इसके लिए व्यक्तिगत जवाबदेही होगी। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मथुरा स्थित गो संरक्षण केंद्र की किस्त जारी करने, गोवंशों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए। पंचायतीराज विभाग को ओडीएफ प्लस के तहत मॉडल गांव बनाने के निर्देश दिए।
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चारों जिलों में अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण पूर्ण कराने के लिए कहा गया। मंडल में सात विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं। 1028 विद्यालयों में फर्नीचर नहीं। जननी सुरक्षा का भुगतान नहीं होने पर मंडलायुक्त नाराज हुए। नोडल अधिकारी नामित करने के लिए कहा। बाल सम्मान कोष योजना के 153 मामले लंबित मिले।
इससे पहले मंडलायुक्त ने कर-करेत्तर एवं राजस्व वादों की समीक्षा की। वाणिज्य कर में चार जिलों में गिरावट आई है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और आबकारी में मासिक लक्ष्य कम रहा।
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परिवहन में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में स्थिति में सुधार मिला है। मंडलायुक्त ने चारों जिलों के डीएम को राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने और सर्वाधिक लंबित मामलों वाली तहसीलों की निगरानी के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त उमेश मणि त्रिपाठी, आगरा डीएम मनीष बंसल, फिरोजाबाद डीएम संतोष कुमार, मथुरा डीएम सीपी सिंह, मैनपुरी डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी, सीडीओ प्रतिभा सिंह आदि मौजूद रहे।
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मंडलायुक्त ने खराब फीडबैक वाले विभागाध्यक्षों से कहा कि फरियादी से वार्ता किए बिना किसी शिकायत का निस्तारण नहीं होना चाहिए। इसके लिए व्यक्तिगत जवाबदेही होगी। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मथुरा स्थित गो संरक्षण केंद्र की किस्त जारी करने, गोवंशों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए। पंचायतीराज विभाग को ओडीएफ प्लस के तहत मॉडल गांव बनाने के निर्देश दिए।
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चारों जिलों में अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण पूर्ण कराने के लिए कहा गया। मंडल में सात विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं। 1028 विद्यालयों में फर्नीचर नहीं। जननी सुरक्षा का भुगतान नहीं होने पर मंडलायुक्त नाराज हुए। नोडल अधिकारी नामित करने के लिए कहा। बाल सम्मान कोष योजना के 153 मामले लंबित मिले।
इससे पहले मंडलायुक्त ने कर-करेत्तर एवं राजस्व वादों की समीक्षा की। वाणिज्य कर में चार जिलों में गिरावट आई है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और आबकारी में मासिक लक्ष्य कम रहा।
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परिवहन में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में स्थिति में सुधार मिला है। मंडलायुक्त ने चारों जिलों के डीएम को राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने और सर्वाधिक लंबित मामलों वाली तहसीलों की निगरानी के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त उमेश मणि त्रिपाठी, आगरा डीएम मनीष बंसल, फिरोजाबाद डीएम संतोष कुमार, मथुरा डीएम सीपी सिंह, मैनपुरी डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी, सीडीओ प्रतिभा सिंह आदि मौजूद रहे।