{"_id":"69417ee8857a5e8b0a0bf0c6","slug":"court-hearing-was-held-in-case-involving-film-actress-kangana-ranaut-2025-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत केस...कोर्ट में हुई सुनवाई, पुलिस को 23 दिसंबर तक रिपोर्ट देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत केस...कोर्ट में हुई सुनवाई, पुलिस को 23 दिसंबर तक रिपोर्ट देने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 16 Dec 2025 09:32 PM IST
विज्ञापन
सार
फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रणौत केस में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सांसद पर आरोप है कि उन्होंने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।
कंगना रणाैत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ दायर वाद में मंगलवार को अदालत में में सुनवाई हुई। न्यू आगरा थाना पुलिस ने आख्या प्रस्तुत नहीं की। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह ने 23 दिसंबर तक थानाध्यक्ष न्यू आगरा को आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की। जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं।
महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। अधीनस्थ न्यायालय ने 6 मई 2025 को परिवाद खारिज कर दिया था। वादी अधिवक्ता ने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन किया। रिवीजन की सुनवाई में अदालत ने पाया कि 6 मई 2025 को पारित हुए आदेश में धारा 225 (1) बीएनएसएस के प्रावधान की अनदेखी हुई थी। इस पर याचिका स्वीकार करने के आदेश दे दिए थे।
Trending Videos
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की। जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। अधीनस्थ न्यायालय ने 6 मई 2025 को परिवाद खारिज कर दिया था। वादी अधिवक्ता ने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन किया। रिवीजन की सुनवाई में अदालत ने पाया कि 6 मई 2025 को पारित हुए आदेश में धारा 225 (1) बीएनएसएस के प्रावधान की अनदेखी हुई थी। इस पर याचिका स्वीकार करने के आदेश दे दिए थे।