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UP: दो दरोगा और पांच सिपाही फंसे...एक घर में दी थी दबिश, छेड़छाड़ और अभद्रता के मिले साक्ष्य; दर्ज हुआ परिवाद

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 04 Feb 2026 09:09 AM IST
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सार

आगरा के सदर थाने के पुलिसकर्मियों ने पति की पिस्टल चोरी के आरोप में मलपुरा में दी दबिश दी थी। मामले में छेड़छाड़ और अभद्रता के साक्ष्य के साथ शिकायत की गई, जिसके बाद परिवाद दर्ज हुआ है। 

Court Orders Complaint Against Two Sub-Inspectors and a Constable in Agra
agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के सदर थाना में तैनात दो दरोगा और एक सिपाही समेत पांच लोगों पर न्यायालय ने परिवाद दर्ज कर मामले की सुनवाई के आदेश दिए हैं। आरोपी पुलिस कर्मियों ने महिला के घर पर बिना महिला पुलिस के दबिश दी। पीड़ित ने छेड़छाड़ और अभद्रता के साक्ष्य के साथ शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित लखनऊ में डीजीपी कार्यालय पहुंच गए थे। इसके बाद हुई प्रारंभिक जांच में भी सभी आरोपी दोषी पाए गए थे। वर्तमान में उनकी थाना सदर में तैनाती है।
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मलपुरा निवासी महिला की ननद पर सदर थाने में पति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घर से पिस्टल और अन्य सामान चोरी का आरोप लगाया था। महिला ने बताया कि 7 सितंबर 2025 को वह सास-ससुर के साथ घर में थी। इसी दौरान दो कारों से सदर थाना में तैनात दराेगा मोहित चौधरी, आकाश धामा, सिपाही अंकित और दो अन्य घर में घुस आए। मोहित ने कमरे में घुसकर अश्लील हरकत की। अंकित ने अश्लील बातें बोलते हुए अभद्रता की। आकाश धामा अपना नाम शक्ति सिंह बता रहा था। जब पीड़िता ने सीसीटीवी में सारी रिकार्डिंग होने की बोलकर शोर मचाया तो आकाश धामा ने डीवीआर डीवीआर ले जाने का प्रयास किया पर भीड़ होने पर डीवीआर छोड़ दी।
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आरोप है कि इस दौरान मोहित ने उनके गले से सोने की चेन खींच ली। उन्होंने मामले की शिकायत यूपी 112 और एसीपी सैंया डॉ. सुकन्या शर्मा से की। घटना के वीडियो भी भेजे पर कार्रवाई नहीं हुई। परेशान होकर वह कार्रवाई की गुहार लगाने डीजीपी कार्यालय पहुंची। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव ने प्रारंभिक जांच की और आरोपी पुलिस कर्मियों को दोषी माना और रिपोर्ट अधिकारियों को प्रेषित की।

इसके बाद एसीपी ताज सुरक्षा पीके राय को विभागीय जांच दी गई। आरोप है कि तीन माह पूरे हो गए पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसके लिए डीजीपी को पत्र भी लिखा। इसके बाद पीड़िता ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज कर सुनवाई के आदेश दिए हैं।

आरोपी अभी भी थाने में तैनात
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी अभी भी थाना सदर में तैनात हैं। उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं। आरोपी जांच को प्रभावित कर चुके हैं। एसीपी ताज सुरक्षा पीके राय ने बताया कि सदर थाना के 2 दरोगा और सिपाही के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित की जा चुकी है। आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
 
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