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Health: चुपचाप दस्तक दे रहा कैंसर...इनमें से मिले कोई एक संकेत, तो हो जाएं सावधान; तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 04 Feb 2026 09:40 AM IST
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सार
World Cancer Day 2026: विश्व कैंसर दिवस हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है। कैंसर का नाम सुनते ही डर लगने लगता है। आइये बताते हैं कि इस गंभीर जानलेवा बीमारी होने से पहले मिलने वाले संकेत क्या हैं...
मुंह के छाले
- फोटो : instagram
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विस्तार
ताजनगरी में कैंसर के बढ़ते मामले चिंता का विषय बन रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से 2025 के बीच कैंसर मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2023 में 1820, वर्ष 2024 में 1856 और वर्ष 2025 में 1911 मरीज सामने आए। वर्ष 2026 में अब तक 175 नए कैंसर मरीज पंजीकृत हो चुके हैं और संख्या लगातार बढ़ रही है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि 2025 में मुंह और गले में कैंसर के सबसे अधिक लगभग 44% मामले हैं। इसके बाद ब्रेस्ट कैंसर 9%, सर्विक्स कैंसर 3.5%, गॉल ब्लैडर कैंसर 5%, इसोफेगस (भोजन नली का कैंसर) 3.5%, जबकि कोलोन (बड़ी आंत का कैंसर) 1.5% है।
उन्होंने बताया कि पुरुषों में मुंह और गले का कैंसर सबसे अधिक पाया जा रहा है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान है। वहीं महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे ज्यादा हैं। वर्तमान में तंबाकू युक्त मंजन और खैनी के सेवन से महिलाओं में भी मुंह और गले के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले पुरुष और महिला में मुंह-गले के कैंसर का अनुपात 9:1 था, जो अब घटकर 7.5:1 हो गया है। उन्होंने बताया कि 40 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के लोग सबसे अधिक कैंसर की चपेट में आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
उन्होंने बताया कि मुंह में बार-बार छाले होना, मुंह कम खुलना, खाने या निगलने में परेशानी, आवाज में भारीपन, तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, खून आना, रुक-रुक कर और जोर देने पर पेशाब आना, शरीर में बढ़ती गांठ, तिल या मस्से का आकार बढ़ना या खुजली होना कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि 2025 में मुंह और गले में कैंसर के सबसे अधिक लगभग 44% मामले हैं। इसके बाद ब्रेस्ट कैंसर 9%, सर्विक्स कैंसर 3.5%, गॉल ब्लैडर कैंसर 5%, इसोफेगस (भोजन नली का कैंसर) 3.5%, जबकि कोलोन (बड़ी आंत का कैंसर) 1.5% है।
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उन्होंने बताया कि पुरुषों में मुंह और गले का कैंसर सबसे अधिक पाया जा रहा है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान है। वहीं महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे ज्यादा हैं। वर्तमान में तंबाकू युक्त मंजन और खैनी के सेवन से महिलाओं में भी मुंह और गले के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले पुरुष और महिला में मुंह-गले के कैंसर का अनुपात 9:1 था, जो अब घटकर 7.5:1 हो गया है। उन्होंने बताया कि 40 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के लोग सबसे अधिक कैंसर की चपेट में आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
उन्होंने बताया कि मुंह में बार-बार छाले होना, मुंह कम खुलना, खाने या निगलने में परेशानी, आवाज में भारीपन, तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, खून आना, रुक-रुक कर और जोर देने पर पेशाब आना, शरीर में बढ़ती गांठ, तिल या मस्से का आकार बढ़ना या खुजली होना कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
