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अमेरिका-भारत ट्रेड डील: टैरिफ में कमी से आगरा को सबसे बड़ा फायदा, जूता-हस्तशिल्प के रद्द ऑर्डर होंगे बहाल
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 04 Feb 2026 08:57 AM IST
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सार
आगरा से अमेरिका के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है। टैरिफ को 50% से घटाकर सीधे 18% करने का निर्णय होने से निर्यातकों को टैरिफ बढ़ने से निरस्त हुए ऑर्डर फिर बहाल होने की उम्मीद जागी है।
आगरा का जूता उद्योग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अमेरिकी टैरिफ घटने से आगरा के जूता और हस्तशिल्प उद्योग ने राहत की सांस ली है। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ को 50% से घटाकर सीधे 18% करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से आगरा के निर्यातकों को टैरिफ बढ़ने से निरस्त हुए ऑर्डर फिर बहाल होने की उम्मीद जागी है।
आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता के अनुसार, आगरा प्रतिवर्ष लगभग 5,000 करोड़ रुपये के जूते और चमड़ा उत्पादों का निर्यात होता है। इसमें करीब 20% यानी कि 1,000 करोड़ का हिस्सा अकेले अमेरिकी बाजार से मिलता। 50% टैरिफ के कारण पिछले 6 महीनों में निर्यात में भारी गिरावट आई थी। करोड़ों रुपये के ऑर्डर रुक गए थे। बहुत से ऑर्डर रद्द करने पड़े थे। करीब 30-40% रद्द हो चुके ऑर्डर फिर बहाल होंगे। टैरिफ घटने से भारतीय जूता अमेरिकी बाजार में चीन और वियतनाम के मुकाबले फिर से प्रतिस्पर्धा कर सकेगा। जूतों के साथ-साथ आगरा का हस्तशिल्प, विशेषकर मार्बल इनले वर्क और ब्रासवेयर भी राहत के दायरे में आया है।
उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि टैरिफ में इस कटौती से आगामी वित्त वर्ष में हस्तशिल्प निर्यात में 15-20% की वृद्धि हो सकती है। अमेरिका के अलावा ताइवान, वियतनाम, बांग्लादेश सहित कई देशों में निर्यात बढ़ेगा। क्योंकि इन देशों पर भारत से ज्यादा टैरिफ है। आगरा के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। 50% टैरिफ के कारण उत्पादों की लागत इतनी बढ़ गई थी कि खरीदार पीछे हट रहे थे। अब 18% टैरिफ से न केवल पुराने ऑर्डर वापस आएंगे, बल्कि नए सीजन के लिए भी बड़े सौदे होने की उम्मीद है।
उद्योगों के लिए रणनीतिक जीत
फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर का कहना है कि अमेरिकी बाजार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह भारतीय उद्योगों की रणनीति जीत है। पीएम के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण यह संभव हो सका है। अगले पांच साल में पांच गुणा तक कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।
अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोबती ने बताया कि टैरिफ घटने से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बहुत राहत भरी खबर है। अमेरिका का प्रयास असफल रहा। भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा। प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं।
आगरा से निर्यात में होगी वृद्धि
जूता उद्यमी सुनील बजाज का कहना है कि टैरिफ घटने से आगरा से अमेरिका में होने वाले निर्यात में वृद्धि होगी। बहुत दिनों से टैरिफ घटने का इंतजार था। निर्यातकों के लिए खुशी की बात है। अमेरिका के साथ नए समझौता से भारतीय बाजार को फायदा होगा।
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उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि टैरिफ में इस कटौती से आगामी वित्त वर्ष में हस्तशिल्प निर्यात में 15-20% की वृद्धि हो सकती है। अमेरिका के अलावा ताइवान, वियतनाम, बांग्लादेश सहित कई देशों में निर्यात बढ़ेगा। क्योंकि इन देशों पर भारत से ज्यादा टैरिफ है। आगरा के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। 50% टैरिफ के कारण उत्पादों की लागत इतनी बढ़ गई थी कि खरीदार पीछे हट रहे थे। अब 18% टैरिफ से न केवल पुराने ऑर्डर वापस आएंगे, बल्कि नए सीजन के लिए भी बड़े सौदे होने की उम्मीद है।
उद्योगों के लिए रणनीतिक जीत
फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर का कहना है कि अमेरिकी बाजार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह भारतीय उद्योगों की रणनीति जीत है। पीएम के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण यह संभव हो सका है। अगले पांच साल में पांच गुणा तक कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।
अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोबती ने बताया कि टैरिफ घटने से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बहुत राहत भरी खबर है। अमेरिका का प्रयास असफल रहा। भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा। प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं।
आगरा से निर्यात में होगी वृद्धि
जूता उद्यमी सुनील बजाज का कहना है कि टैरिफ घटने से आगरा से अमेरिका में होने वाले निर्यात में वृद्धि होगी। बहुत दिनों से टैरिफ घटने का इंतजार था। निर्यातकों के लिए खुशी की बात है। अमेरिका के साथ नए समझौता से भारतीय बाजार को फायदा होगा।
