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DSS पिटाई प्रकरण: रेलवे कर्मी नरेंद्र सिंह चाहर की बढ़ी मुश्किल, दर्ज होगी प्राथमिकी; कोर्ट ने दिए आदेश
Wed, 19 Aug 2026 06:23 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 19 Aug 2026 06:23 PM IST
सार
आगरा कैंट पर सहायक स्टेशन मास्टर की पिटाई के प्रकरण में अब रेलवे अधिकारी की मुश्किल बढ़ गई है। कोर्ट ने सहायक स्टेशन मास्टर समेत 10 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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कोर्ट ने दिए आदेश।
- फोटो : ANI
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विस्तार
आगरा में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने कैंट स्टेशन पर हुई मारपीट के मामले में सहायक स्टेशन मास्टर नरेंद्र सिंह चाहर और 8-10 अज्ञात के खिलाफ दलित उत्पीड़न व अन्य आरोपों में थानाध्यक्ष जीआरपी आगरा कैंट को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के आदेश दे दिए।
आगरा कैंट आरपीएफ बैरक निवासी दरोगा ने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। बताया कि वर्तमान में वह आगरा कैंट आरपीएफ थाने में तैनात हैं। 12 जुलाई, 2026 को वह स्टेशन पर बतौर बैच इंचार्ज ड्यूटी पर थे। उनके साथ दरोगा बीके मीना, सिपाही जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल बादाम सिंह भी उनके साथ स्टेशन पर तैनात थे। सुबह 10:50 बजे गाड़ी हीराकुंड एक्सप्रेस प्लेट फार्म-1 पर आकर रुकी, और निर्धारित समय के अनुसार चलने को लगी, फिर अचानक से रुक गई।
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आगरा कैंट आरपीएफ बैरक निवासी दरोगा ने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। बताया कि वर्तमान में वह आगरा कैंट आरपीएफ थाने में तैनात हैं। 12 जुलाई, 2026 को वह स्टेशन पर बतौर बैच इंचार्ज ड्यूटी पर थे। उनके साथ दरोगा बीके मीना, सिपाही जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल बादाम सिंह भी उनके साथ स्टेशन पर तैनात थे। सुबह 10:50 बजे गाड़ी हीराकुंड एक्सप्रेस प्लेट फार्म-1 पर आकर रुकी, और निर्धारित समय के अनुसार चलने को लगी, फिर अचानक से रुक गई।
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चालक ने कई बार चेन पुलिंग का हॉर्न बजाया। वह पुलिस टीम के साथ जांच करने गए। देखा तो प्लेटफार्म से एक युवक और युवती गाड़ी में चढ़ रहे थे। पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में लिया और थाने ले लाने लगे। उस दौरान सहायक स्टेशन मास्टर नरेंद्र सिंह चाहर वहां आ गए। दोनों को छोड़ने का दबाव बनाने लगे।
विरोध पर वह भड़क गए, और अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। वह मौके पर पहुंचे, तो उन्हें देख जाति सूचक शब्द बोले। उनके साथ हाथापाई की। इसके बाद नरेंद्र सिंह चाहर व अन्य रेलवे कर्मचारियों ने उनकी व अन्य पुलिस कर्मियों की वर्दी फाड़ दी और चैन पुलिंग के आरोपियों को मुक्त करा दिया।
विरोध पर वह भड़क गए, और अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। वह मौके पर पहुंचे, तो उन्हें देख जाति सूचक शब्द बोले। उनके साथ हाथापाई की। इसके बाद नरेंद्र सिंह चाहर व अन्य रेलवे कर्मचारियों ने उनकी व अन्य पुलिस कर्मियों की वर्दी फाड़ दी और चैन पुलिंग के आरोपियों को मुक्त करा दिया।
ये था मामला
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस को रुकवाने पर स्टेशन उपाधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर की आरपीएफ के जवानों से बहस हो गई थी। इस पर वीडियो सामने आया था जिसमें आरपीएफ के जवानों ने डिप्टी एसएस को प्लेटफॉर्म पर गिरा-गिराकर पीटा। घसीटते हुए आरपीएफ पोस्ट पर ले गए। घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हीराकुंड एक्सप्रेस भी कुछ देर स्टेशन पर खड़ी रही। रेल प्रशासन ने दो एएसआई समेत चार जवानों को निलंबित कर दिया था। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस को रुकवाने पर स्टेशन उपाधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर की आरपीएफ के जवानों से बहस हो गई थी। इस पर वीडियो सामने आया था जिसमें आरपीएफ के जवानों ने डिप्टी एसएस को प्लेटफॉर्म पर गिरा-गिराकर पीटा। घसीटते हुए आरपीएफ पोस्ट पर ले गए। घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हीराकुंड एक्सप्रेस भी कुछ देर स्टेशन पर खड़ी रही। रेल प्रशासन ने दो एएसआई समेत चार जवानों को निलंबित कर दिया था। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी।