{"_id":"69e1b04ba6c28ccb6c0b9f28","slug":"father-sentenced-to-life-imprisonment-for-shooting-son-dead-2026-04-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: रिटायर्ड फौजी की क्रूरता, नाबालिग बेटे का सीना कर दिया था छलनी; फिर फूट-फूटकर रोया; उम्रकैद की मिली सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: रिटायर्ड फौजी की क्रूरता, नाबालिग बेटे का सीना कर दिया था छलनी; फिर फूट-फूटकर रोया; उम्रकैद की मिली सजा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 17 Apr 2026 09:30 AM IST
विज्ञापन
सार
आगरा में मासूम बेटे विवेक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने पिता धीरज को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। पत्नी और छोटे बेटे की चश्मदीद गवाही इस केस में सबसे अहम साबित हुई।
बेटे का फाइल फोटो और आरोपी पूर्व फौजी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
आगरा में गोली मारकर बेटे की हत्या करने के मामले में करीब 19 महीने बाद अदालत ने पिता धीरज को दोषी माना। एडीजे मृदुल दुबे ने उसे उम्रकैद के साथ 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में हत्या की चश्मदीद गवाह आरोपी की पत्नी और छोटा बेटा था, जिनकी गवाही अहम रही।
Trending Videos
थाना सदर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, थाना बासोनी क्षेत्र के गांव बांगरपुर निवासी मुकेश ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी बहन सुधा की शादी उखर्रा रोड रामजी विहार कॉलोनी निवासी धीरज के साथ की थी। शादी के दौरान धीरज सेना में कार्यरत था। शराब पीने की लत की वजह से इस्तीफा देकर घर आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप है कि वह घर पर भी अक्सर नशे में रहता था। बहन इसका विरोध करती थी। आरोपी के दो बेटे 14 वर्षीय विवेक और 11 वर्षीय नितिन थे। 21 अगस्त, 2024 को शाम 4 बजे आरोपी नशे में घर आया और विवेक से गालीगलौज करने लगा। बहन ने बेटे को भैंस के लिए सानी लगाने भेज दिया। वह भूसा में पानी डाल रहा था तभी आरोपी ने छत से दुनाली बंदूक से उस पर गोली चला दी। बच जाने पर नीचे आकर लाइसेंसी पिस्टल से विवेक के सीने में गोली मार दी। पुलिस ने 23 अगस्त, 2024 को उसे अदालत में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया था। मामले में आरोपी की पत्नी सुधा, आरोपी के छोटे बेटे नितिन की गवाही अहम मानी गई।
यमुना में फेंक दी थी पिस्टल
धीरज अपने बेटे को गोली मारने के बाद भाग गया था। पिस्टल उसने यमुना में फेंक दिया था। आरोपी के बताने पर 15 बटालियन की फ्लड पीएसी और पब्लिक गोताखोर की मदद से पिस्टल के लिए सर्च अभियान चलाया गया। हालांकि पिस्टल मिली नहीं। पुलिस ने साक्ष्य के रूप में घटना स्थल बरामद कारतूस अदालत में पेश किए थे।
धीरज अपने बेटे को गोली मारने के बाद भाग गया था। पिस्टल उसने यमुना में फेंक दिया था। आरोपी के बताने पर 15 बटालियन की फ्लड पीएसी और पब्लिक गोताखोर की मदद से पिस्टल के लिए सर्च अभियान चलाया गया। हालांकि पिस्टल मिली नहीं। पुलिस ने साक्ष्य के रूप में घटना स्थल बरामद कारतूस अदालत में पेश किए थे।
