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UP: गोदामों में भरी पड़ी है 36 हजार टन खाद, किसानों को नहीं की जा रही वितरित...डीएम ने लगाई फटकार
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 19 Sep 2025 10:07 AM IST
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सार
सरकारी गोदामों में 36 हजार टन से अधिक डीएपी, यूरिया, एनपीके व अन्य खाद का स्टॉक है, लेकिन किसान दर-दर भटक रहे हैं। 16 से अधिक समितियों पर खाद उपलब्ध ही नहीं है।
गोदाम में रखी खाद के स्टॉक की जानकारी लेते जिलाधिकारी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
खाद न मिलने की किसानों की शिकायत पर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में अफसरों को तलब किया। खाद वितरण में लापरवाही पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विमल कुमार को फटकार लगाई। साथ ही उन्हें हटाने के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए। वहीं सभी तहसील स्तरीय सहकारिता अधिकारियों (एडीसीओ) के विरुद्ध भी डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिले में 100 से अधिक सहकारी समितियां हैं जिनसे करीब दो लाख किसान जुड़े हैं। खाद के लिए किसान डीएपी, यूरिया व खाद के लिए भटक रहे हैं। समितियों पर खाद नहीं मिल रही है। बाजार में खाद की कीमतें काफी ज्यादा हैं। किसान लगातार डीएम से शिकायत कर रहे थे। बृहस्पतिवार को डीएम ने कृषि, सहकारिता, मजिस्ट्रेट व अन्य अफसर तलब किए। कलेक्ट्रेट में एक घंटे बैठक की। एक-एक समिति की रिपोर्ट मांगी, तो पता चला कि 16 समितियों ने डिमांड ही नहीं भेजी है।
लापरवाही पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सहायक आयुक्त सहकारिता विमल कुमार को फटकार लगाई। कहा कि समितियों पर खाद क्यों नहीं भेजी गई। जवाब नहीं मिलने पर डीएम ने प्रभारी एडीएम जुबेर बेग से कहा कि सहायक आयुक्त सहकारिता को हटाने के लिए शासन को पत्र भेजो। उन्होंने तीनों एडीसीओ के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने स्टॉक की समीक्षा की, तो गोदामों में 14,900 टन यूरिया, 8,048 टन डीएपी और 13,292 टन एनपीके का भंडारण मिला।
गोदाम से समिति तक ट्रक की निगरानी करेंगे मजिस्ट्रेट
गोदाम से सहकारी समितियों तक यूरिया, डीएपी पहुंचाने वाले ट्रकों की निगरानी होगी। ट्रक नंबर, वाहन चालक का ब्योरा मजिस्ट्रेट के पास रहेगा। रास्ते में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर मजिस्ट्रेट जिम्मेदार होंगे। दुकानों पर रेट लिस्ट, वितरण रजिस्टर की जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट से डीएम टीम के साथ पहले कुबेरपुर स्थित पीसीएफ गोदाम पहुंचे जहां खाद का स्टॉक जांचा। फिर गढ़ी नैनसुख स्थित सहकारी समिति का निरीक्षण किया। किसानों ने डीएम को बताया कि टोकन से खाद मिल रही है।
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जिले में 100 से अधिक सहकारी समितियां हैं जिनसे करीब दो लाख किसान जुड़े हैं। खाद के लिए किसान डीएपी, यूरिया व खाद के लिए भटक रहे हैं। समितियों पर खाद नहीं मिल रही है। बाजार में खाद की कीमतें काफी ज्यादा हैं। किसान लगातार डीएम से शिकायत कर रहे थे। बृहस्पतिवार को डीएम ने कृषि, सहकारिता, मजिस्ट्रेट व अन्य अफसर तलब किए। कलेक्ट्रेट में एक घंटे बैठक की। एक-एक समिति की रिपोर्ट मांगी, तो पता चला कि 16 समितियों ने डिमांड ही नहीं भेजी है।
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लापरवाही पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सहायक आयुक्त सहकारिता विमल कुमार को फटकार लगाई। कहा कि समितियों पर खाद क्यों नहीं भेजी गई। जवाब नहीं मिलने पर डीएम ने प्रभारी एडीएम जुबेर बेग से कहा कि सहायक आयुक्त सहकारिता को हटाने के लिए शासन को पत्र भेजो। उन्होंने तीनों एडीसीओ के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने स्टॉक की समीक्षा की, तो गोदामों में 14,900 टन यूरिया, 8,048 टन डीएपी और 13,292 टन एनपीके का भंडारण मिला।
गोदाम से समिति तक ट्रक की निगरानी करेंगे मजिस्ट्रेट
गोदाम से सहकारी समितियों तक यूरिया, डीएपी पहुंचाने वाले ट्रकों की निगरानी होगी। ट्रक नंबर, वाहन चालक का ब्योरा मजिस्ट्रेट के पास रहेगा। रास्ते में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर मजिस्ट्रेट जिम्मेदार होंगे। दुकानों पर रेट लिस्ट, वितरण रजिस्टर की जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट से डीएम टीम के साथ पहले कुबेरपुर स्थित पीसीएफ गोदाम पहुंचे जहां खाद का स्टॉक जांचा। फिर गढ़ी नैनसुख स्थित सहकारी समिति का निरीक्षण किया। किसानों ने डीएम को बताया कि टोकन से खाद मिल रही है।
