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Kasganj: यातायात पुलिस ने रोडवेज बस का काटा चालान, गुस्साए चालक-परिचालकों ने जाम किया चक्का; जमकर हुआ हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 23 Feb 2026 02:16 PM IST
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सार
कासगंज में यातायात पुलिस ने रोडवेज बस का चालान कर दिया। इस बात से नाराज चालक और परिचालकों ने बस को खड़ा कर दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई।
चालक-परिचालकों ने जाम किया चक्का
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कासगंज में रोडवेज बस स्टैंड पर सवारी उतार रही बस का यातायात पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का चालान कर दिया गया। इससे नाराज होकर परिवहन निगम के चालक और परिचालकों ने चक्का जाम कर दिया। करीब तीन घंटे यात्री दिल्ली, आगरा, बरेली, बदायूं और एटा समेत अन्य जिले जाने के लिए परेशान रहे है।
चालक सचिन कुमार ने बताया कि वह बस अड्डे से यात्रियों को लेकर निकल रहे थे तभी एक दिव्यांग यात्री गेट पर लटक कर उतारने का प्रयास कर रहा था। उसे उतारने के लिए बस स्टैंड के सामने रोड पर बस रुकी तो यातायात प्रभारी लक्ष्मण सिंह मौके पर पहुंच गए। वह बस को जबरन वापस बस स्टैंड ले गए और यात्रियों को नीचे उतरवाकर 25000 का चालान कर दिया। इसकी जानकारी अन्य चालकों और परिचारकों को मिली तो उनमें आक्रोश फूट गया। उन्होंने सभी बसों का चक्का जाम करते हुए हड़ताल शुरू कर दी। इसे रोडवेज बस स्टैंड पर अफरा तफरी मच गई।
परिवहन निगम के संविदा चालकों का कहना है कि उन्हें रोडवेज बस चलाने चलने पर हर महीने सिर्फ 12 हजार वेतन मिलता है। बावजूद इसके यातायात पुलिस की ओर से अक्सर उनका 20 से 25 हजार रुपए तक का चालान कर दिया जाता है। चालान का पैसा उन्हें अपने वेतन से चुकाना पड़ता है। ऐसे में उन लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गुस्साए चालको और परिचालकों ने यातायात पुलिस पर कई और गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
रोडवेज बस स्टैंड पर चालक और परिचालकों की हड़ताल से यात्रियों की काफी भीड़ जमा हो गई। यात्री कई घंटे तक दिल्ली, आगरा, बदायूं और एट समेत अन्य शहरों को जाने के लिए परेशान रहे। यात्री राजकुमार ने बताया कि वह पिछले डेढ़ घंटे से बदायूं जाने के लिए परेशान हो रहे हैं। हड़ताल के चलते बदायूं के लिए कोई भी बस नहीं मिल रही है। यात्री विनोद ने बताया कि वह करीब ढाई घंटे से दिल्ली जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड से कोई भी गाड़ी रवाना नहीं हो सकी है।
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चालक सचिन कुमार ने बताया कि वह बस अड्डे से यात्रियों को लेकर निकल रहे थे तभी एक दिव्यांग यात्री गेट पर लटक कर उतारने का प्रयास कर रहा था। उसे उतारने के लिए बस स्टैंड के सामने रोड पर बस रुकी तो यातायात प्रभारी लक्ष्मण सिंह मौके पर पहुंच गए। वह बस को जबरन वापस बस स्टैंड ले गए और यात्रियों को नीचे उतरवाकर 25000 का चालान कर दिया। इसकी जानकारी अन्य चालकों और परिचारकों को मिली तो उनमें आक्रोश फूट गया। उन्होंने सभी बसों का चक्का जाम करते हुए हड़ताल शुरू कर दी। इसे रोडवेज बस स्टैंड पर अफरा तफरी मच गई।
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परिवहन निगम के संविदा चालकों का कहना है कि उन्हें रोडवेज बस चलाने चलने पर हर महीने सिर्फ 12 हजार वेतन मिलता है। बावजूद इसके यातायात पुलिस की ओर से अक्सर उनका 20 से 25 हजार रुपए तक का चालान कर दिया जाता है। चालान का पैसा उन्हें अपने वेतन से चुकाना पड़ता है। ऐसे में उन लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गुस्साए चालको और परिचालकों ने यातायात पुलिस पर कई और गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
रोडवेज बस स्टैंड पर चालक और परिचालकों की हड़ताल से यात्रियों की काफी भीड़ जमा हो गई। यात्री कई घंटे तक दिल्ली, आगरा, बदायूं और एट समेत अन्य शहरों को जाने के लिए परेशान रहे। यात्री राजकुमार ने बताया कि वह पिछले डेढ़ घंटे से बदायूं जाने के लिए परेशान हो रहे हैं। हड़ताल के चलते बदायूं के लिए कोई भी बस नहीं मिल रही है। यात्री विनोद ने बताया कि वह करीब ढाई घंटे से दिल्ली जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड से कोई भी गाड़ी रवाना नहीं हो सकी है।
