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UP: चीनी कंपनियां खरीद रहीं भारत के 'हैंडसम' युवक, फिर कराते हैं ये काम; मर्चेंट नेवी का पूर्व कैप्टन गिरफ्तार
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 15 May 2026 08:58 AM IST
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सार
विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को कंबोडिया भेजकर साइबर ठगी में फंसाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड नागेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूर्व मर्चेंट नेवी कैप्टन नागेश पर आरोप है कि वह युवाओं को चाइनीज कंपनियों को बेचकर डिजिटल अरेस्ट और बैंकिंग फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों में इस्तेमाल करवाता था।
युवक सांकेतिक और गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजकर साइबर स्लेवरी में फंसाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड मर्चेंट नेवी के पूर्व कैप्टन नागेश कुमार को थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे पुलिस टीम चंडीगढ़ से पकड़कर ट्रांजिट रिमांड पर आगरा लाई। आरोपी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा का रहने वाला है। शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूर्व में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उसका नाम सामने आया था। पुलिस 6 महीने से धरपकड़ के लिए जाल बिछाए हुए थी।
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आगरा, कानपुर सहित देशभर के युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देकर साइबर स्लेवरी में फंसाने का मामला सितंबर 2025 में सामने आया था। आगरा के भी युवाओं से लाखों की धोखाधड़ी की गई थी। युवकों को पहले थाईलैंड भेजा जाता था। एजेंट बॉर्डर पार कर कंबोडिया और लाओस ले जाते थे। यहां पर चाइनीज कंपनियों को बेच दिया जाता था। गिरोह के एजेंट भारत के साथ ही अन्य देशों में फैले हुए थे।
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डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि मई, हाथरस निवासी सौरभ और अभिज्ञान ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें विदेश में अच्छे पैकेज पर नौकरी की बात कही गई। 3.5-3.5 लाख रुपये लेने के बाद बैंकॉक के रास्ते कंबोडिया भेज दिया। यहां एक कंपनी में कॉलिंग की नौकरी दे दी गई। बाद में पता चला कि कंपनी के लोग साइबर ठगी करते हैं। इसके बदले में कमीशन मिलता है। वह किसी तरह वापस आए थे।
पुलिस ने मामले की जांच की। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तीन आरोपियों अजय शुक्ला, रौनी उर्फ आतिफ खान और आमिर खान को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में पता चला कि भोले भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर फंसाते थे। चाइनीज कंपनियों को बेच देते थे। बदले में उन्हें कमीशन मिलता था। पूर्व में कई लोगों को कंबोडिया भेजकर साइबर स्लेवरी का काम किया था। गैंग का सरगना चंडीगढ़ का नागेश उर्फ कैप्टन चौहान है। वह भारत और विदेशी एजेंट के संपर्क में रहता है। कंपनियों से भी पैसा लेता है।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर बैंकिंग फ्रॉड
पुलिस की पूछताछ में पता चला था कि आरोपी युवाओं को जिन चाइनीज कंपनियों को बेचते थे, उनमें व्हाट्सएप पर कॉलिंग कराई जाती थी। इसके बाद लोगों से डिजिटल अरेस्ट, लॉटरी का झांसा देने सहित अन्य तरीके से साइबर ठगी की जाती थी। इसके बदले में युवाओं को कमीशन भी मिलता था। भारतीय युवकों से भारत के लोगों को ही कॉल कराया जाता था। इसकी वजह थी कि वो आसानी से बात कर लेते हैं। जो युवक काम करने से मना करते थे, उनसे कंपनी में आने की पूरी रकम वसूल की जाती थी। मना करने वालों का उत्पीड़न किया जाता था। कैद करने के बाद घर से रकम खातों में जमा कराई जाती थी। किसी तरह बचकर आए युवाओं ने पुलिस को कई जानकारी दी थी।
पुलिस की पूछताछ में पता चला था कि आरोपी युवाओं को जिन चाइनीज कंपनियों को बेचते थे, उनमें व्हाट्सएप पर कॉलिंग कराई जाती थी। इसके बाद लोगों से डिजिटल अरेस्ट, लॉटरी का झांसा देने सहित अन्य तरीके से साइबर ठगी की जाती थी। इसके बदले में युवाओं को कमीशन भी मिलता था। भारतीय युवकों से भारत के लोगों को ही कॉल कराया जाता था। इसकी वजह थी कि वो आसानी से बात कर लेते हैं। जो युवक काम करने से मना करते थे, उनसे कंपनी में आने की पूरी रकम वसूल की जाती थी। मना करने वालों का उत्पीड़न किया जाता था। कैद करने के बाद घर से रकम खातों में जमा कराई जाती थी। किसी तरह बचकर आए युवाओं ने पुलिस को कई जानकारी दी थी।
मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ चलाने लगा ठगी का गिरोह
डीसीपी ने बताया कि नागेश उर्फ कैप्टन चौहान को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है। उससे पूछताछ की जाएगी। शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके पास एक मोबाइल मिला है। इसमें चाइनीज कंपनियों से व्हाट्स ऐप चैट के सुबूत मिले हैं। इनको देखा जाएगा। साक्ष्य संकलन कर विवेचना में शामिल करेंगे। आरोपी तीन साल से साइबर स्लेवरी में लिप्त है। पूर्व में वो मर्चेंट नेवी कैप्टन था। इस वजह से विदेश यात्रा की। उसके साइबर ठगों से संबंध हो गए। वह नौकरी छोड़कर युवाओं को विदेश भेजकर पैसा कमाने लगा। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
डीसीपी ने बताया कि नागेश उर्फ कैप्टन चौहान को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है। उससे पूछताछ की जाएगी। शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके पास एक मोबाइल मिला है। इसमें चाइनीज कंपनियों से व्हाट्स ऐप चैट के सुबूत मिले हैं। इनको देखा जाएगा। साक्ष्य संकलन कर विवेचना में शामिल करेंगे। आरोपी तीन साल से साइबर स्लेवरी में लिप्त है। पूर्व में वो मर्चेंट नेवी कैप्टन था। इस वजह से विदेश यात्रा की। उसके साइबर ठगों से संबंध हो गए। वह नौकरी छोड़कर युवाओं को विदेश भेजकर पैसा कमाने लगा। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
गिरफ्तारी
नागेश कुमार उर्फ कैप्टन चौहान पुत्र सुरेश कुमार निवासी गांव मट, चमोटू, डाकघर सुंगल, थाना पंचरुखी, तहसील पालमपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
नागेश कुमार उर्फ कैप्टन चौहान पुत्र सुरेश कुमार निवासी गांव मट, चमोटू, डाकघर सुंगल, थाना पंचरुखी, तहसील पालमपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।