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UP: किसानों को तो बख्श दो...माफिया की नजर डीएपी पर, मोटी कमाई के लिए बेची जा रही थी नकदी खाद

अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 08 Nov 2024 10:21 AM IST
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सार

मोटी कमाई के लिए अब खाद माफिया भी सक्रिय हो गया है। निशाने पर इस बार किसान हैं। डीएपी खाद भी नकली बेची जा रही थी। एसटीएफ ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। 

 

Mafia's eyes on DAP cash fertilizer was being sold to earn big money
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के अछनेरा के गांव कचाैरा में एसटीएफ की पकड़ में आया गिरोह नकली डीएपी गांव-गांव बेच रहा था। किसानों को डीएपी की मांग थी, इसका फायदा उठाकर गिरोह के लोग कमाई कर रहे थे। ये सप्लाई एजेंटों के माध्यम से आगरा मंडल सहित राजस्थान के कई जिलों में सप्लाई कर रहे थे।
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एसटीएफ ने बुधवार को गांव कचाैरा में दबिश देकर खेत में बने गोदाम से 65 बोरी नकली डीएपी बरामद की थी। चार आरोपी गोदाम संचालक हर्ष गाैतम, टूंडला के हत्थी गढ़ी निवासी आकाश प्रताप सिंह, फिरोजाबाद के नारखी का आमिर खान और शास्त्रीपुरम का मुकेश गोस्वामी पकड़े गए थे। आरोपियों से नकली डीएपी के अलावा सिलाई मशीन, कीटनाशक, आई-10 कार, बाइक, मिनी ट्रक बरामद किए गए थे। आरोपियों ने टीम में शामिल निरीक्षक हुकुम सिंह पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की थी। वह बाल-बाल बच गए थे। मामले में थाना अछनेरा में आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।
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प्रत्येक कट्टे पर 200 से 300 रुपये तक का फायदा
निरीक्षक के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि कालाबाजारी एजेंटों के माध्यम से करते थे। गोदाम पर नकली डीएपी तैयार करने के साथ ही आसपास के जिलों और राजस्थान के एजेंटों को फोन करके बुला लेते थे। वो कुछ ही घंटों में माल लेकर चले जाते थे।
एजेंट गांवों में किसानों से संपर्क करते थे। कहते थे कि एक रैक आई थी। इसमें से कट्टे लेकर आए हैं। सरकारी कीमत से कम दाम पर दी जा रही है। अगर, वो लोग समितियों पर जाएंगे तो उन्हें यह मुश्किल से मिल पाएगी। वह उनके खेत तक लेकर आ रहे हैं। इससे किसान झांसे में आ जाते थे। एजेंट को प्रत्येक कट्टे पर 200 से 300 रुपये तक का फायदा हो जाता था।

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 फरार आरोपियों की तलाश में टीम
सरगना हर्ष और उसका साथी आकाश खाद जीवनी मंडी के अमित ट्रेडर्स और कुबेरपुर की बायो प्रोडक्ट फैक्टरी के आशीष खत्री से लेकर आते थे। कच्चा माल अंकित पचाैरी देता था। वहीं आलमगंज, लखनऊ का आशीष कुली इफ्को कंपनी की डीएपी के खाली कट्टे उपलब्ध कराता था। इसके अलावा आरोपी कीटनाशक और बीज भी बाजार में बिक्री करते थे। हर्ष गाैतम पर थाना न्यू आगरा में चाैथ वसूली, बवाल, आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला के पांच और थाना हरीपर्वत में बलवा, सात सीएलए एक्ट का मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब हर्ष के साथियों की तलाश में लगी है।
 
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