{"_id":"6a605e22996ab174b80f946a","slug":"major-irregularities-alleged-in-teacher-adjustment-process-subjects-of-eight-teachers-changed-2026-07-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक समायोजन में बड़ा फर्जीवाड़ा: आठ शिक्षकों के विषय बदलकर बचाया मूल विद्यालय, बीएसए ने बैठाई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक समायोजन में बड़ा फर्जीवाड़ा: आठ शिक्षकों के विषय बदलकर बचाया मूल विद्यालय, बीएसए ने बैठाई जांच
Wed, 22 Jul 2026 11:37 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:37 AM IST
सार
आगरा के बिचपुरी ब्लॉक में शिक्षक समायोजन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कुछ शिक्षकों को समायोजन से बचाने के लिए नियमों के विपरीत उनके विषय बदल दिए गए, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
शिक्षक सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षक समायोजन प्रक्रिया में विकास खंड बिचपुरी से गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि आठ शिक्षकों को समायोजन की जद से बचाने के लिए समायोजन सूची में उनके विषय नियमों के विपरीत बदल दिए गए, जबकि मानव संपदा पोर्टल पर उनके मूल विषय यथावत दर्ज हैं। अभिलेखों में अंतर उजागर होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने मामले की जांच के आदेश देते हुए संबंधित कनिष्ठ लिपिक पंकज सारस्वत के निलंबन की संस्तुति कर दी है।
विज्ञापन
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरारा की शिक्षिकाएं सीमा और सुधा रानी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना विषय परिवर्तन दर्शाया गया। सीमा का विषय हिंदी से सामाजिक विज्ञान तथा सुधा रानी का विषय अंग्रेजी से सामाजिक विज्ञान कर दिया गया। दोनों शिक्षिकाओं का कहना है कि उनके नाम से लगाए गए प्रार्थना पत्रों पर हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। उनका आरोप है कि कनिष्ठ लिपिक पंकज सारस्वत ने उन्हें ऐसे प्रार्थना पत्र दिखाए गए, जिन पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। विभागीय जानकारी के अनुसार, समायोजन सूची तैयार करते समय बीआरसी बिचपुरी में तैनात कनिष्ठ लिपिक द्वारा आठ शिक्षकों के विषय बदल दिए गए। चूंकि मानव संपदा पोर्टल सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद स्तर से लॉक था, इसलिए वहां कोई संशोधन नहीं हो सका।
ये भी पढ़ें - UP: 'सॉरी, रियली एम आई एन कावर्ड', 12वीं की छात्र ऋषभ की मौत का न खुला सका राज; चार साल बाद फिर गरमाया मामला
ये भी पढ़ें - UP: 'सॉरी, रियली एम आई एन कावर्ड', 12वीं की छात्र ऋषभ की मौत का न खुला सका राज; चार साल बाद फिर गरमाया मामला
इसी कारण पोर्टल और समायोजन सूची के बीच अंतर सामने आ गया। संवाद इन आठ शिक्षकों के बदले विषय इस प्रकरण में जिन शिक्षकों के नाम सामने आए हैं, उनमें निधि गौतम, सुधा रानी, सीमा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरारा), रचना बुलाटिया (पूर्व माध्यमिक विद्यालय खलौआ), महेंद्र सिंह बघेल (पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला बसुआ), आभा रानी जैन (पूर्व माध्यमिक विद्यालय मिढ़ाकुर-द्वितीय), अंजना वर्मा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला तलफी) तथा डॉ. कल्पना शर्मा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्वामी) शामिल बताए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होने पर संबंधित कनिष्ठ लिपिक के निलंबन की संस्तुति कर दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें - UP: यूपी को एक और नए हाईवे की सौगात, आगरा से एटा तक बनेगा NH-321G; जानें किन-किन क्षेत्रों से गुजरेगा
ये भी पढ़ें - UP: यूपी को एक और नए हाईवे की सौगात, आगरा से एटा तक बनेगा NH-321G; जानें किन-किन क्षेत्रों से गुजरेगा
अन्य ब्लॉकों में भी हो सकती है जांच
विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि जिले के सभी विकास खंडों की समायोजन सूची का मानव संपदा पोर्टल से मिलान कराया जाए तो इसी प्रकार की अन्य अनियमितताएं भी सामने आ सकती हैं। इससे समायोजन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। न्यायालय के आदेश पर चल रही प्रक्रिया शिक्षकविहीन और एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती के लिए माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर समायोजन प्रक्रिया संचालित की जा रही है। ऐसे में यदि समायोजन से बचाने के उद्देश्य से विषय परिवर्तन किया गया है, तो यह पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है?
ये भी पढ़ें - Mudiya Mela 2026: मुड़िया मेला पर 24 से 31 जुलाई तक चलेंगी स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने कोच भी बढ़ाए
विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि जिले के सभी विकास खंडों की समायोजन सूची का मानव संपदा पोर्टल से मिलान कराया जाए तो इसी प्रकार की अन्य अनियमितताएं भी सामने आ सकती हैं। इससे समायोजन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। न्यायालय के आदेश पर चल रही प्रक्रिया शिक्षकविहीन और एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती के लिए माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर समायोजन प्रक्रिया संचालित की जा रही है। ऐसे में यदि समायोजन से बचाने के उद्देश्य से विषय परिवर्तन किया गया है, तो यह पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है?
ये भी पढ़ें - Mudiya Mela 2026: मुड़िया मेला पर 24 से 31 जुलाई तक चलेंगी स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने कोच भी बढ़ाए