{"_id":"69dc957e8c86b665e10fa2b3","slug":"medical-waste-dumped-in-open-health-risk-rises-action-likely-against-hospitals-2026-04-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: खुले में फेंक रहे बायोमेडिकल वेस्ट, आगरा में बढ़ा संक्रमण का खतरा; अब कसेगा अस्पतालों पर शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: खुले में फेंक रहे बायोमेडिकल वेस्ट, आगरा में बढ़ा संक्रमण का खतरा; अब कसेगा अस्पतालों पर शिकंजा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 13 Apr 2026 12:34 PM IST
विज्ञापन
सार
आगरा में अस्पताल और क्लीनिक खुले में बायोमेडिकल वेस्ट फेंक रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। सीएमओ ने लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान जांच और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बायोमेडिकल वेस्ट
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
अस्पताल-पैथोलॉजी लैब और क्लीनिक संचालक खुले में बायोेमेडिकल वेस्ट फेंक रहे हैं। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने वाले कार्यदायी संस्था ने सीएमओ से इसकी शिकायत की है। अब स्वास्थ्य विभाग लाइसेंस के नवीनीकरण के दौरान लॉगबुक की जांच करेगा।
स्वास्थ्य विभाग में 1317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनके लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली कंपनी ने सभी चिकित्सकीय संस्थानों से तय बेड के हिसाब से बायोमेडिकल वेस्ट नहीं मिलने की शिकायत की है। कंपनी का कहना है कि खुले में बायो मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
Trending Videos
स्वास्थ्य विभाग में 1317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनके लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली कंपनी ने सभी चिकित्सकीय संस्थानों से तय बेड के हिसाब से बायोमेडिकल वेस्ट नहीं मिलने की शिकायत की है। कंपनी का कहना है कि खुले में बायो मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कंपनी ने स्टाफ पर प्लास्टिक-कांच के मेडिकल वेस्ट को बेचने का भी आरोप लगाया है। ऐसे में बायोमेडिकल वेस्ट का मानकों के अनुसार निस्तारण न करने वाले चिकित्सकीय संस्थानों के लाइसेंस नवीनीकरण में ऑडिट की मांग की गई है।
मेडिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली कंपनी जेजेआर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि रोजाना करीब 1600-1800 किलो मेडिकल वेस्ट उठाया जा रहा है। कई अस्पतालों से तय बेड के हिसाब से वेस्ट नहीं मिल रहा है। ये प्लास्टिक-कांच के आइटम बेच रहे हैं और खुले में भी फेंक रहे हैं। इसके बारे में सीएमओ से भी शिकायत की है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान स्वास्थ्य टीम तय बेड के हिसाब से मेडिकल वेस्ट की जांच करेगी और लॉगबुक देखने के साथ मेडिकल वेस्ट का रखरखाव भी देखेगी। नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाएगी।
संक्रमण होने का रहता है खतरा
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अंकुर बंसल का कहना है कि बायोमेडिकल वेस्ट में कई तरह के संक्रमित मरीजों के उपयोग किए जाने वाले सिरिंज समेत अन्य उपकरण होते हैं। अगर ये किसी के चुभ जाएं तो उसे भी बीमारी का खतरा रहता है। ऐसे में इसका निस्तारण मानकों के अनुसार जरूरी है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अंकुर बंसल का कहना है कि बायोमेडिकल वेस्ट में कई तरह के संक्रमित मरीजों के उपयोग किए जाने वाले सिरिंज समेत अन्य उपकरण होते हैं। अगर ये किसी के चुभ जाएं तो उसे भी बीमारी का खतरा रहता है। ऐसे में इसका निस्तारण मानकों के अनुसार जरूरी है।
बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के मानक
पीला डिब्बा: प्लास्टर, रक्त से सनी चादरें, एक्सपायर्ड दवाएं, रक्त-पस से सनी पट्टियां, प्लेसेंटा, मानव अंग।
लाल डिब्बा: प्लास्टिक सिरिंज, आईवी सेट, आईवी फ्लूड बोतल, दस्ताने, प्लास्टिक बैग।
नीला डिब्बा: टूटी और उपयोग हुई दवाओं की वायल्स, कांच की बोतल, टेस्ट ट्यूब्स, रक्त स्लाइड।
सफेद पंचर प्रूफ कंटेनर: निडिल, स्केलपेल, ब्लेड्स एवं अन्य नुकीले चिकित्सकीय उपकरण।
पीला डिब्बा: प्लास्टर, रक्त से सनी चादरें, एक्सपायर्ड दवाएं, रक्त-पस से सनी पट्टियां, प्लेसेंटा, मानव अंग।
लाल डिब्बा: प्लास्टिक सिरिंज, आईवी सेट, आईवी फ्लूड बोतल, दस्ताने, प्लास्टिक बैग।
नीला डिब्बा: टूटी और उपयोग हुई दवाओं की वायल्स, कांच की बोतल, टेस्ट ट्यूब्स, रक्त स्लाइड।
सफेद पंचर प्रूफ कंटेनर: निडिल, स्केलपेल, ब्लेड्स एवं अन्य नुकीले चिकित्सकीय उपकरण।