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UP: आगरा में भीषण गर्मी का कहर, नकसीर के मरीज दोगुने; डायरिया-फूड पॉयजनिंग से अस्पतालों में भीड़
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 28 May 2026 09:45 AM IST
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सार
आगरा में भीषण गर्मी और गर्म हवाओं के कारण नकसीर के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है, जबकि डायरिया और फूड पॉयजनिंग के केस भी तेजी से बढ़ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है और डॉक्टरों ने लोगों को पानी अधिक पीने और खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की लगी भीड़। अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में भीषण गर्मी और गर्म हवा लोगाें को बीमार कर रही है। नकसीर फूटने के मरीजों की संख्या पिछले माह से दोगुनी हो गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी रोग विभाग और निजी चिकित्सकों के पास ये पहुंच रहे हैं। इनके अलावा डायरिया और फूड पॉयजनिंग के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
ईएनटी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रितु गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 200 मरीज आ रहे हैं। पारा लगातार बढ़ रहा है और गर्म हवा भी चल रही हैं। इसके संपर्क में आने से नाक की ऊपरी परत शुष्क हो जाती है। पपड़ी पड़ने लगती है और क्रैक होने पर रक्त आने लगता है। उच्च रक्तचाप और साइनस के मरीजों में भी ये परेशानी मिल रही है। ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पचौरी ने बताया कि बीते दो महीने से नकसीर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 10-15 फीसदी मरीजों में ये दिक्कत मिल रही है। दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।
उल्टी-दस्त से बच्चों को बुरा हाल, वार्ड फुल
एसएन के बाल रोग विभाग की ओपीडी और इमरजेंसी में गर्मी और तेज धूप से बच्चों में डायरिया और फूड पॉयजनिंग के मरीजों की संख्या तीन गुना तक हो गई है। पानी की कमी से त्वचा सिकुड़ रही है। हालत गंभीर होने पर भर्ती भी किया जा रहा है। वार्ड फुल चल रहे हैं। बाल रोग विभाग के डॉ. राम क्षितिज शर्मा ने बताया कि खेलकूद में बच्चे प्यास लगने पर नजरअंदाज कर देते हैं, पसीना भी निकलता है। इससे पानी की कमी हो रही है। बाहर का दूषित भोजन-पेय सामग्री खाने-पीने से पेट में दर्द, उल्टी-दस्त हो रहे हैं। तेज बुखार भी आ रहा है।
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इन बातों का ध्यान रखें
- नाक को शुष्क न रखें, नारियल का तेल लगाएं।
- खूब पानी पीएं, नाक में अंगुली न डालें-खुजली न करें।
- नकसीर फूटने पर ठंडे पानी से धोएं, बर्फ से सिकाई करें।
- नाक को अंगुलियों से बंद कर लें और मुंह से सांस लें।
- खून का रिसाव बंद न होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- बच्चों को धूप से बचाएं, खुले और दूषित भोजन से बचाएं।
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ईएनटी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रितु गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 200 मरीज आ रहे हैं। पारा लगातार बढ़ रहा है और गर्म हवा भी चल रही हैं। इसके संपर्क में आने से नाक की ऊपरी परत शुष्क हो जाती है। पपड़ी पड़ने लगती है और क्रैक होने पर रक्त आने लगता है। उच्च रक्तचाप और साइनस के मरीजों में भी ये परेशानी मिल रही है। ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पचौरी ने बताया कि बीते दो महीने से नकसीर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 10-15 फीसदी मरीजों में ये दिक्कत मिल रही है। दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।
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उल्टी-दस्त से बच्चों को बुरा हाल, वार्ड फुल
एसएन के बाल रोग विभाग की ओपीडी और इमरजेंसी में गर्मी और तेज धूप से बच्चों में डायरिया और फूड पॉयजनिंग के मरीजों की संख्या तीन गुना तक हो गई है। पानी की कमी से त्वचा सिकुड़ रही है। हालत गंभीर होने पर भर्ती भी किया जा रहा है। वार्ड फुल चल रहे हैं। बाल रोग विभाग के डॉ. राम क्षितिज शर्मा ने बताया कि खेलकूद में बच्चे प्यास लगने पर नजरअंदाज कर देते हैं, पसीना भी निकलता है। इससे पानी की कमी हो रही है। बाहर का दूषित भोजन-पेय सामग्री खाने-पीने से पेट में दर्द, उल्टी-दस्त हो रहे हैं। तेज बुखार भी आ रहा है।
इन बातों का ध्यान रखें
- नाक को शुष्क न रखें, नारियल का तेल लगाएं।
- खूब पानी पीएं, नाक में अंगुली न डालें-खुजली न करें।
- नकसीर फूटने पर ठंडे पानी से धोएं, बर्फ से सिकाई करें।
- नाक को अंगुलियों से बंद कर लें और मुंह से सांस लें।
- खून का रिसाव बंद न होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- बच्चों को धूप से बचाएं, खुले और दूषित भोजन से बचाएं।