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'जिंदा हूं साहब': सरकारी कागजों में ‘मौत’, अफसरों के सामने जीवित पहुंचा बुजुर्ग; बेटों की चाैंकाने वाली करतूत
Sun, 19 Jul 2026 10:29 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 19 Jul 2026 10:29 AM IST
सार
यूपी के आगरा जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पिता को मृत बताकर बेटों ने जमीन अपने नाम करा ली। बुजुर्ग अब अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि अब उन्हें जहर देकर मारने की साजिश रची जा रही है।
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संपूर्ण समाधान दिवस में गुहार लगाते बुजुर्ग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के फतेहाबाद में एक बुजुर्ग ने अपने ही बेटों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सम्पूर्ण समाधान दिवस में न्याय की गुहार लगाई। बुजुर्ग का आरोप है कि उसके बेटों ने जमीन हड़पने की नीयत से उसे राजस्व अभिलेखों में मृत दर्शा दिया है। इतना ही नहीं, अब उसे जहर देकर मारने की साजिश रची जा रही है। घर से निकाल देने के कारण वह इधर-उधर रहकर जीवन यापन करने को मजबूर है।
शनिवार को तहसील फतेहाबाद में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में ताजगंज क्षेत्र के गांव बिल्लोचपुरा निवासी परसादी (70) पुत्र सुखलाल ने तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में बताया कि उसके नाम मौजा सारंगपुर, तहसील फतेहाबाद में गाटा संख्या 165 रकबा 2.0670 हेक्टेयर तथा गाटा संख्या 91 रकबा 1.5090 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है।
वह करीब 25 वर्ष पहले वह घर से मजदूरी करने लुधियाना चले गए थे। इसी दौरान उसके दोनों बेटों ने उन्हें मृत दिखाकर जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। जब घर वापस लौटे तो उन्हें इसकी जानकारी हुई है। बुजुर्ग का कहना है कि वह पूरी तरह जीवित हैं और उन्होंने अपनी जमीन किसी के नाम न तो बेची है और न ही वसीयत की है। इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों में उसका नाम हटाकर बेटों के नाम दर्ज करा दिए गए।
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अब जब वह अपने अधिकार की बात करते है तो बेटे उसे घर में नहीं रहने देते, खाना तक नहीं देते और जहर देकर मारने की धमकी देते हैं। मजबूरी में उसे इधर-उधर रहकर अपना जीवन बिताना पड़ रहा है।पीड़ित ने तहसीलदार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तहसीलदार ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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शनिवार को तहसील फतेहाबाद में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में ताजगंज क्षेत्र के गांव बिल्लोचपुरा निवासी परसादी (70) पुत्र सुखलाल ने तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में बताया कि उसके नाम मौजा सारंगपुर, तहसील फतेहाबाद में गाटा संख्या 165 रकबा 2.0670 हेक्टेयर तथा गाटा संख्या 91 रकबा 1.5090 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है।
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वह करीब 25 वर्ष पहले वह घर से मजदूरी करने लुधियाना चले गए थे। इसी दौरान उसके दोनों बेटों ने उन्हें मृत दिखाकर जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। जब घर वापस लौटे तो उन्हें इसकी जानकारी हुई है। बुजुर्ग का कहना है कि वह पूरी तरह जीवित हैं और उन्होंने अपनी जमीन किसी के नाम न तो बेची है और न ही वसीयत की है। इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों में उसका नाम हटाकर बेटों के नाम दर्ज करा दिए गए।
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अब जब वह अपने अधिकार की बात करते है तो बेटे उसे घर में नहीं रहने देते, खाना तक नहीं देते और जहर देकर मारने की धमकी देते हैं। मजबूरी में उसे इधर-उधर रहकर अपना जीवन बिताना पड़ रहा है।पीड़ित ने तहसीलदार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तहसीलदार ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।