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UP: बेशकीमती आवासीय भूमि में खेल, स्टांप चोरी में फंसी नामी उद्योगपति की फर्म; डीएम ने दिए वसूली के आदेश
Mon, 03 Aug 2026 10:05 AM IST
Dhirendra Singh
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 03 Aug 2026 10:05 AM IST
सार
आगरा के कलाल खेरिया में 1818 वर्गमीटर बेशकीमती आवासीय जमीन को कृषि भूमि दर्शाकर स्टांप शुल्क बचाने का मामला सामने आया है, जिसमें नामी उद्योगपति की फर्म पर कार्रवाई हुई है। डीएम मनीष बंसल की अदालत ने जमीन को 7,500 रुपये प्रति वर्गमीटर के आवासीय सर्किल रेट पर मानते हुए 5.55 लाख रुपये बकाया स्टांप शुल्क, 27,800 रुपये अर्थदंड और 1.5% प्रतिमाह ब्याज वसूलने के आदेश दिए हैं।
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डीएम मनीष बंसल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के कलाल खेरिया क्षेत्र में बेशकीमती आवासीय भूमि को कृषि भूमि दर्शाकर लाखों रुपये की स्टांप चोरी करने का मामला सामने आया है। शहर के एक नामी उद्योगपति की फर्म की इस चोरी को पकड़ने के बाद उप निबंधक तृतीय सदर ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। इस पर जिलाधिकारी मनीष बंसल की अदालत ने जुर्माना और ब्याज सहित बकाया शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया है।
पूरा मामला सदर तहसील के अधीन आने वाले मौजा कलाल खेरिया के खसरा संख्या 161, 162, 163 और 164 में से 0.1818 हेक्टेयर (1818 वर्ग मीटर) जमीन से जुड़ा है। विक्रेता बुलंद हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से यह जमीन डॉ. सुनील चोपड़ा और उनकी पत्नी रंजू चोपड़ा के पक्ष में हस्तांतरित की गई थी। नामी उद्योगपति व पीएल पैलेस होटल के मालिक पीएल शर्मा और कमला शर्मा बुलंद हाउसिंग कंपनी की निदेशक हैं।
उप निबंधक तृतीय सदर आगरा की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि फतेहाबाद रोड के पास स्थित यह संपत्ति चारों ओर से घनी आबादी, जीडी पब्लिक स्कूल और हिमानी रिसॉर्ट से घिरी हुई है। जमीन के चारों तरफ पक्की बाउंड्रीवॉल और लोहे का बड़ा गेट लगा है, जो इसके आवासीय स्वरूप को स्पष्ट करता है। महज 1818 वर्ग मीटर की इस भूमि का कोई कृषि महत्व नहीं है फिर भी वास्तविक स्थिति छिपाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
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फर्म की ओर से मौजूद पक्षकारों ने भारतीय स्टांप अधिनियम की धारा-29 का हवाला देते हुए खुद को निर्दोष बताया और बकाया स्टांप जमा करने की पैरवी की। हालांकि, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) की दलील पर डीएम ने माना कि इतनी छोटी और घिरी हुई भूमि कृषि श्रेणी में नहीं आ सकती।
जिलाधिकारी ने सरकारी तर्कों से सहमति जताई और जमीन को 7,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर के सर्किल रेट से आवासीय घोषित कर फर्म पर 5.55 लाख रुपये का बकाया स्टांप शुल्क, 27,800 रुपये का अर्थदंड और जमा किए जाने तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज जमा करने का आदेश सुनाया। साथ ही एक महीने के भीतर धनराशि जमा न करने पर आरसी जारी कर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
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पूरा मामला सदर तहसील के अधीन आने वाले मौजा कलाल खेरिया के खसरा संख्या 161, 162, 163 और 164 में से 0.1818 हेक्टेयर (1818 वर्ग मीटर) जमीन से जुड़ा है। विक्रेता बुलंद हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से यह जमीन डॉ. सुनील चोपड़ा और उनकी पत्नी रंजू चोपड़ा के पक्ष में हस्तांतरित की गई थी। नामी उद्योगपति व पीएल पैलेस होटल के मालिक पीएल शर्मा और कमला शर्मा बुलंद हाउसिंग कंपनी की निदेशक हैं।
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उप निबंधक तृतीय सदर आगरा की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि फतेहाबाद रोड के पास स्थित यह संपत्ति चारों ओर से घनी आबादी, जीडी पब्लिक स्कूल और हिमानी रिसॉर्ट से घिरी हुई है। जमीन के चारों तरफ पक्की बाउंड्रीवॉल और लोहे का बड़ा गेट लगा है, जो इसके आवासीय स्वरूप को स्पष्ट करता है। महज 1818 वर्ग मीटर की इस भूमि का कोई कृषि महत्व नहीं है फिर भी वास्तविक स्थिति छिपाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
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फर्म की ओर से मौजूद पक्षकारों ने भारतीय स्टांप अधिनियम की धारा-29 का हवाला देते हुए खुद को निर्दोष बताया और बकाया स्टांप जमा करने की पैरवी की। हालांकि, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) की दलील पर डीएम ने माना कि इतनी छोटी और घिरी हुई भूमि कृषि श्रेणी में नहीं आ सकती।
जिलाधिकारी ने सरकारी तर्कों से सहमति जताई और जमीन को 7,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर के सर्किल रेट से आवासीय घोषित कर फर्म पर 5.55 लाख रुपये का बकाया स्टांप शुल्क, 27,800 रुपये का अर्थदंड और जमा किए जाने तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज जमा करने का आदेश सुनाया। साथ ही एक महीने के भीतर धनराशि जमा न करने पर आरसी जारी कर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए।