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UP: किसान भाई ध्यान दें...डीएपी की 5 और यूरिया की 7 बोरी, इससे अधिक रखी खाद; तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 02 Oct 2025 10:02 AM IST
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सार
प्रशासन ने किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर डीएपी और यूरिया खाद की जरूरत तय कर दी है। इसके अनुसार पांच बोरी डीएपी और सात बोरी यूरिया ही किसान रख सकते हैं।
डीएपी और यूरिया खाद लेने को लाइन में खड़े किसान। संवाद
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विस्तार
डीएपी और यूरिया किल्लत के बीच जिला प्रशासन ने बुधवार को प्रति हेक्टेयर किसानों के लिए खाद की जरूरत तय की है। किसान पांच बैग डीएपी और सात बैग यूरिया से अधिक नहीं रख सकेंगे। यदि तय मात्रा से अधिक डीएपी व यूरिया का भंडारण मिला तो कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बुधवार को खाद वितरण की समीक्षा की। जिले में टॉप-20 डीएपी व यूरिया खरीदार और विक्रेताओं का ब्योरा तलब किया। इनकी जांच होगी। डीएम ने कहा कि असामाजिक तत्व अवैध रूप से यूरिया व डीएपी का भंडारण कर रहे हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए शासन ने प्रति हेक्टेयर खाद की आवश्यकता तय की है। डीएम ने कहा जिले में खाद की कोई कमी नहीं। अधिक खाद का इस्तेमाल करने से खेत की मिट्टी और फसल दोनों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
सचिव चस्पा करेंगे बिक्री की सूचना
जिले में 100 से अधिक सहकारी समितियां हैं। जिनसे एक लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। एक-एक सचिव पर दो-दो, तीन-तीन समितियों का चार्ज है। ऐसे में कई समितियों पर खाद नहीं मिल रही। डीएम ने निर्देश दिए कि ऐसे सचिव जिनके पास एक अधिक समिति का चार्ज है वह खाद वितरण का समितिवार रोस्टर तैयार करेंगे। किस समिति पर कब खाद मिलेगी, इसकी पूर्व सूचना चस्पा करेंगे।
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जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बुधवार को खाद वितरण की समीक्षा की। जिले में टॉप-20 डीएपी व यूरिया खरीदार और विक्रेताओं का ब्योरा तलब किया। इनकी जांच होगी। डीएम ने कहा कि असामाजिक तत्व अवैध रूप से यूरिया व डीएपी का भंडारण कर रहे हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए शासन ने प्रति हेक्टेयर खाद की आवश्यकता तय की है। डीएम ने कहा जिले में खाद की कोई कमी नहीं। अधिक खाद का इस्तेमाल करने से खेत की मिट्टी और फसल दोनों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
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सचिव चस्पा करेंगे बिक्री की सूचना
जिले में 100 से अधिक सहकारी समितियां हैं। जिनसे एक लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। एक-एक सचिव पर दो-दो, तीन-तीन समितियों का चार्ज है। ऐसे में कई समितियों पर खाद नहीं मिल रही। डीएम ने निर्देश दिए कि ऐसे सचिव जिनके पास एक अधिक समिति का चार्ज है वह खाद वितरण का समितिवार रोस्टर तैयार करेंगे। किस समिति पर कब खाद मिलेगी, इसकी पूर्व सूचना चस्पा करेंगे।
