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UP: कीठम में विलायती बबूल हटाने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, यूपी सरकार को मिला नोटिस; मांगा गया जवाब

Tue, 14 Jul 2026 10:02 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 14 Jul 2026 10:02 AM IST
सार

सूर सरोवर पक्षी विहार में विलायती बबूल हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई का फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि किसी भी कार्रवाई से पहले वैज्ञानिक अध्ययन और पर्यावरणीय नियमों का पालन जरूरी है।
 

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Supreme Court Seeks Reply From UP Government on Removal of Vilayati Babul in Soor Sarovar
सूर सरोवर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम) में विलायती बबूल हटाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। याचिकाकर्ता देवाशीष भट्टाचार्य की याचिका पर कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई करने का निर्णय लिया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार समेत संबंधित विभागों और पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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याचिकाकर्ता देवाशीष भट्टाचार्य ने बताया कि विलायती बबूल बाहरी और आक्रामक प्रजाति है, जो स्थानीय वनस्पतियों के विकास में बाधा बन रही है और क्षेत्र की जैव विविधता को प्रभावित कर रही है। इसे हटाने की प्रक्रिया भी पर्यावरणीय नियमों और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों के अनुरूप किए जाने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने आगरा में पेड़ों की कटाई पर वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट के जारी आदेश का हवाला दिया।
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उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की वृक्ष कटाई अथवा बड़े स्तर पर वनस्पति हटाने से पहले न्यायालय के निर्देशों का पालन आवश्यक है। सूर सरोवर जैसे संरक्षित वन क्षेत्र में विलायती बबूल हटाने का निर्णय वैज्ञानिक अध्ययन और विशेषज्ञों की राय के आधार पर लिया जाना चाहिए, जिससे देसी प्रजातियों का संरक्षण हो सके और पारिस्थितिकी संतुलन बना रहे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है।

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