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UP: टेनिस बॉल की चोट से फूल गई हार्ट तक खून पहुंचाने वाली नस, छह घंटे चली सर्जरी, तब बची 15 साल के बालक की जान
Wed, 12 Aug 2026 09:36 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 12 Aug 2026 09:36 PM IST
सार
टेनिस बॉल की चोट से 15 वर्षीय किशोर की हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली नस अंदर से क्षतिग्रस्त होकर गुब्बारे की तरह फूल गई थी। एसएन मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों ने छह घंटे की जटिल सर्जरी कर फूली नस को हटाकर कृत्रिम नस डाली और किशोर की जान बचा ली।
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एसएन के चिकित्सकों की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में नस की जटिल सर्जरी कर 15 साल के किशोर की जान बचा ली गई। टेनिस बॉल से चोट लगने से नस गुब्बारे की तरह फूल गई थी। हालत गंभीर देख करीब 6 घंटे तक ऑपरेशन चला। आईसीयू में भर्ती रखने के बाद अब किशोर को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
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कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि ककुआ निवासी 15 साल के किशोर के दाहिने सीने में दर्द और सूजन होने पर 6 अगस्त को एसएन में परिजन उसे ले आए थे। जांच करने पर हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली नस गुब्बारे की तरह फूली हुई थी। इसके फटने से मरीज की मौत निश्चित थी।
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पूछताछ में बताया कि बीते साल जून में खेलते वक्त तेज गति से टेनिस बॉल लगी थी। इससे नस अंदरूनी तौर पर क्षतिग्रस्त हो गई। कई बार दर्द होता, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया। बीते कुछ दिनों से तेज दर्द और सूजन बढ़ने लगी। निजी कई अस्पतालों में इस सर्जरी करने से मना कर दिया था।
एसएन में विशेषज्ञों की टीम बनाकर गले की हड्डी के पास फूली हुई नस को काटकर बाहर निकाला गया और कृत्रिम नस डाली गई। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि इस सर्जरी को अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित करने के लिए भेजेंगे।
सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनने से अति जटिल ऑपरेशन हो रहे हैं। निजी अस्पताल में इसका खर्च 5 लाख रुपये से अधिक आता। यहां निशुल्क हुआ है। टीम में डॉ. विमलेश यादव, डॉ. शशि प्रजापति, डॉ. नेहा कुमारी, डॉ. हरी सिंह, डॉ. निखिल शर्मा, डॉ. योगिता, डॉ. दीपिका चौबे, डॉ. दीपक दौनेरिया आदि मौजूद रहे।