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UP PCS Result: नाैकरी के साथ की पढ़ाई तो कहीं पीसीएस पति ने पत्नी को भी बनाया अफसर; पढ़ें सफलता की कहानी

संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Tue, 31 Mar 2026 02:48 PM IST
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सार

पीसीएस क्वालीफाई पति ने पत्नी को भी अफसर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। मार्गदर्शन देने के साथ हर कदम पर सपोर्ट किया। पत्नी ने पीसीएस रिजल्ट में सफलता परचम लहरा दिया। 

UP PCS Result Success Stories of Candidates Who Cleared UP PCS Exam
यूपी पीसीएस रिजल्ट में सफल हुए अभ्यर्थी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

यूपी पीसीएस-2024 का अंतिम परिणाम रविवार देर रात घोषित हुआ। शहर की बेटियों ने सफलता का परचम लहराया और मेरिट में उपस्थिति दर्ज कराई। सीमित संसाधनों, असफलताओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद छात्राओं ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत के दम पर प्रशासनिक सेवाओं में जगह बनाई।
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बेलनगंज की जैस्मिन ने 35वीं रैंक प्राप्त कर सफलता हासिल की। उनका कहना है कि सेल्फ स्टडी बेहद जरूरी होती है। जितना अधिक पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास कर और नोट्स तैयार करते हैं, उतने ही बेहतर परिणाम मिलते हैं। कभी निराशा महसूस हो तो हार नहीं माननी चाहिए क्योंकि सफलता अक्सर संघर्ष के बीच छुपी होती है। उन्होंने यूपीएससी के चार प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पीसीएस की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफलता पाई। उनके पिता कैलाश चंद वर्मा व्यवसायी और मां ओमवती वर्मा गृहिणी हैं।
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वहीं, हिमिका ने 180वीं रैंक प्राप्त की है। उनके पति भी पीसीएस क्वालीफाई हैं और शादी के बाद उनके मार्गदर्शन व लगातार सपोर्ट से ही वह भी इस मुकाम तक पहुंच सकीं और अब खुद पीसीएस बन गई हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में यूपीएससी और पीसीएस को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस रहता है। इसके लिए लक्ष्य जरूरी है और निरंतर तैयारी कर जरूर सफलता मिलती है। उनके पिता परशुराम गौतम व्यवसायी और माता राजेश कुमारी गृहिणी हैं।

सीमित संसाधनों में तैयारी
बेलनगंज निवासी वैष्णवी शर्मा ने 57वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद प्राप्त किया। यह उनका दूसरा प्रयास था। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी रहा। उनके पिता ताराचंद शर्मा मेडिकल स्टोर संचालक और मां कंचन शर्मा गृहिणी हैं।

सेल्फ स्टडी से बनाई राह
सीताराम कॉलोनी, बल्केश्वर निवासी अदिति जैन ने 76वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद प्राप्त किया। यह उनका तीसरा प्रयास था। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य यूपीएससी था, लेकिन निरंतर प्रयास से पीसीएस में सफलता मिली। पिता आदेश जैन प्रॉपर्टी ब्रोकर हैं और माता सविता जैन शिक्षिका हैं।

 

178वीं रैंक के साथ बनीं असिस्टेंट कमिश्नर
आवास विकास कॉलोनी, सेक्टर-12 निवासी अक्षिता शगुन ने यूपीपीसीएस में 178वीं रैंक हासिल कर जीएसटी विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद प्राप्त किया है। उनके पिता अनिल कुमार मथुरा नगर निगम में अपर नगर आयुक्त हैं, जबकि मां वंदना लाल व्यवसायी हैं। उन्होंने बताया कि घर में शुरुआत से ही सरकारी सेवा का माहौल रहा है। निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारी करना जरूरी है।

24वीं रैंक के साथ बनीं सब रजिस्ट्रार
फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव गढ़ी उदयराय निवासी जूली गुर्जर ने यूपीपीसीएस 2024 में 24वीं रैंक हासिल कर सब रजिस्ट्रार पद प्राप्त किया। उनके पिता राजवीर सिंह सेवानिवृत्त अमीन हैं, माता कुंती देवी गृहिणी हैं।

एसडीओ से बने अधिकारी
बरौली अहीर क्षेत्र के गांव कहरई निवासी नकुल उपाध्याय ने पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनके पिता अवधेश उपाध्याय दीवानी न्यायालय से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता कृष्णा देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। वर्ष 2016 में उनका चयन विद्युत विभाग में एसडीओ पद पर हुआ और वर्तमान में मेरठ में तैनात हैं।

एयरफोर्स से बीडीओ तक का सफर
बाह क्षेत्र के लखनपुरा जागीर गांव निवासी प्रशांत दुबे को बीडीओ पद आवंटित हुआ है। उनके पिता रामकिशन दुबे किसान हैं। प्रशांत दुबे एयरफोर्स में सार्जेंट पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

 

नौकरी के साथ की तैयारी
बाह के पडुआपुरा बिजौली गांव निवासी सुनहरीलाल ने लेखा अधिकारी पद प्राप्त किया। उनके पिता मुन्नीलाल किसान हैं। वर्तमान में सुनहरीलाल अलीगढ़ में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी है।

24वीं रैंक से क्षेत्र का नाम रोशन
जगनेर क्षेत्र के विधोली रोड निवासी हरविंद्र सिंह गुर्जर ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 24वीं रैंक हासिल की। उनके पिता प्रेम सिंह हर्षाना भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। पिता का कहना है कि बेटा शुरू से ही मेहनती और अनुशासित रहा है और उसने अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान बनाए रखा।

उत्कृष्ट प्रदर्शन से पाई सफलता
नगला पदी निवासी सौम्या कुलश्रेष्ठ ने भी यूपीपीसीएस 2024 में सफलता हासिल की है। उन्हें सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पद पर नियुक्ति मिली है। उनके पिता दाऊ दयाल कुलश्रेष्ठ महिला कल्याण विभाग से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता आशा रानी कुलश्रेष्ठ गृहिणी हैं।

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