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परिवार का दावा: मौत के 17 घंटे बाद जिंदा हुई महिला, अंतिम संस्कार से पहले लौटी सांस; दामाद का पकड़ लिया हाथ
Thu, 30 Jul 2026 12:37 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:37 PM IST
सार
आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में 65 वर्षीय शीला देवी को अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद घर लाया गया। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान उनके शरीर में हरकत हुई और परिजनों के अनुसार उन्होंने बात भी की, जिसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया
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महिला के घर के बाहर जुटी लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र के श्री नगर कॉलोनी में मौत के करीब 17 घंटे बाद 65 साल की महिला जिंदा हो गई। यह देखकर घर में अफरा-तफरी मच गई। घरवालों ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया है। महिला को सांस संबंधित बीमारी थी। करीब 20 दिन पहले वह बेटे के पास बदायूं गईं थीं। बेटे ने उन्हें सोमवार को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
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बुधवार तड़के करीब तीन बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटा एंबुलेंस से शव लेकर शाम करीब 7 बजे घर पहुंचा। शव को घर के एक कमरे में जमीन पर रख दिया गया। शव को देखकर घरवाले रो रहे थे। घर में अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। फूल-माला आ गए। रात करीब 8 बजे महिला के शरीर में हलचल हुई। दामाद ने उन्हें छुआ तो महिला ने उनका हाथ पकड़ लिया। बोली- मुझे कहां लेकर जा रहे हो । मैं जिंदा हूं।
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श्रीनगर कॉलोनी में शीला देवी के पति हरिओम माहौर की मौत हो चुकी है। वह अपने बेटे सुनील माहौर के परिवार के साथ रहती हैं। उनका दूसरा बेटा संजीव बदांयू में एक निजी अस्पताल में कार्यरत है। शीला देवी की तबितय काफी दिन से खराब थी। उनके लीवर में दिक्कत थी। डेढ़ महीने पहले शीला देवी इलाज के लिए वो अपने बेटे के पास बदायूं गईं थीं। बेटे ने सोमवार को बरेली के निजी अस्पताल में शीला देवी को भर्ती कराया। मंगलवार को उन्हें वेंटीलेटर पर रख दिया गया। बुधवार तड़के करीब तीन बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बेटा उनके शव को शाम में एंबुलेंस से आगरा घर लेकर आ गए।
घर के एक कमरे में उनका शव जमीन पर रख दिया गया। घर में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। अंतिम संस्कार का सामान आ गया। रिश्तेदार अंतिम विदाई के लिए पहुंच गए।
दामाद का हाथ पकड़कर बोलीं- मैं जिंदा हूं
रात करीब 8 बजे शीला देवी के शरीर में हलचल होने लगी। उनकी धड़कन लौट आई। जब शीला देवी के दामाद ने उन्हें छुआ तो उन्होंने हाथ पकड़ लिया। शीला देवी ने कहा कि मुझे कहां ले जा रहे हो। तुम सब रो क्यों रहे हो? हम तो जिंदा हैं। मैं मरी नहीं हूं। इसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। बिना देर किए उन्हें तत्काल आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
रात करीब 8 बजे शीला देवी के शरीर में हलचल होने लगी। उनकी धड़कन लौट आई। जब शीला देवी के दामाद ने उन्हें छुआ तो उन्होंने हाथ पकड़ लिया। शीला देवी ने कहा कि मुझे कहां ले जा रहे हो। तुम सब रो क्यों रहे हो? हम तो जिंदा हैं। मैं मरी नहीं हूं। इसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। बिना देर किए उन्हें तत्काल आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
पड़ोसी श्याम किशोर शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस से नीचे उतार कर शीला देवी का शव घर में रखा था। उनके दामाद और बेटी आए थे। दामाद ने उनके पैर छुए तभी उन्होंने उनका हाथ पकड़ लिया। बोले- अरे ये क्या कर रहे हो। मेरे पैर क्यों छू रहे हो। फिर घरवालों की तरफ देखकर बोलीं- मैं जिंदा हूं, अभी मरी नहीं हूं।
वहीं बताया जा रहा है कि परिवार के लोग महिला को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे है, जहां उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया गया है।