{"_id":"692b016d0d2a37d0f407babe","slug":"verdict-in-film-actress-kangana-ranaut-case-is-likely-to-come-on-december-16-2025-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत केस...कोर्ट में हुई दोनों पक्षों की बहस, 16 दिसंबर को अगली सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत केस...कोर्ट में हुई दोनों पक्षों की बहस, 16 दिसंबर को अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 29 Nov 2025 07:51 PM IST
विज्ञापन
सार
फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रणौत पर आरोप है कि उन्होने किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की है। इस मामले में आगरा की कोर्ट में शनिवार को सुनवाई हुई। मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
कंगना रणाैत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ केस में शनिवार को एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने बहस कर तर्क दिए। 16 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी। उसी दिन फैसला भी आ सकता है। पिछली तारीख पर विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए लोकेश कुमार ने रिवीजन को स्वीकार किया था।
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की। जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था।
अधीनस्थ न्यायालय ने 6 मई 2025 को परिवाद खारिज कर दिया था। वादी अधिवक्ता ने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन किया। रिवीजन की सुनवाई में अदालत ने पाया कि 6 मई 2025 को पारित हुए आदेश में धारा 225 (1) बीएनएसएस के प्रावधान की अनदेखी हुई थी। इस पर याचिका स्वीकार करने के आदेश दिए।
Trending Videos
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की। जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधीनस्थ न्यायालय ने 6 मई 2025 को परिवाद खारिज कर दिया था। वादी अधिवक्ता ने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन किया। रिवीजन की सुनवाई में अदालत ने पाया कि 6 मई 2025 को पारित हुए आदेश में धारा 225 (1) बीएनएसएस के प्रावधान की अनदेखी हुई थी। इस पर याचिका स्वीकार करने के आदेश दिए।