सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Voting Rights at Risk in Agra: 1.94 Lakh Notices Yet to Be Printed 3.89 Lakh Hearings Pending

SIR in UP: प्रिंटिंग में उलझे 1.94 लाख नोटिस, 3.89 लाख की सुनवाई लंबित; इन मतदाताओं पर संकट

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 24 Feb 2026 10:01 AM IST
विज्ञापन
सार

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण में प्रशासनिक सुस्ती के कारण 1.94 लाख नोटिस अब तक प्रिंट नहीं हो सके हैं और 3.89 लाख मतदाताओं की सुनवाई लंबित है।

Voting Rights at Risk in Agra: 1.94 Lakh Notices Yet to Be Printed 3.89 Lakh Hearings Pending
वोटर लिस्ट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार

आगरा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण में प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर सकती है। करीब 48 दिन बीतने के बाद भी 1.94 लाख मतदाताओं के नोटिस प्रिंट तक नहीं हो सके हैं। वहीं 3.89 लाख मतदाताओं की सुनवाई अब भी अधर में फंसी है। यदि यही स्थिति रही, तो जिले के लाखों नागरिकों से उनका मताधिकार छिन सकता है।
Trending Videos

 

जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर प्रक्रिया से पहले कुल 36 लाख मतदाता थे। पुनरीक्षण के बाद 8.36 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। इसके अतिरिक्त, 7.64 लाख ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए हैं जिनका ब्योरा वर्ष 2003 की आधार सूची से मेल नहीं खा रहा है। अपना मताधिकार बचाने के लिए इन सभी को संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने हैं, जिसके लिए प्रशासन इन्हें नोटिस जारी कर अंतिम मौका दे रहा है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला निर्वाचन कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, 6 जनवरी से शुरू हुए दूसरे चरण में इन 7.64 लाख मतदाताओं के वोट पर तलवार लटकी हुई है। यदि 27 मार्च तक इनकी सुनवाई पूरी नहीं हुई, तो इनका नाम मतदाता सूची से काट दिया जाएगा। हालांकि, दूसरा चरण शुरू हुए 48 दिन बीतने के बाद भी प्रशासन सभी नोटिस तामील नहीं करा सका है। 22 फरवरी तक कुल संदिग्ध मतदाताओं में से केवल 5.70 लाख के ही नोटिस प्रिंट हो पाए हैं, जबकि 1.94 लाख नोटिस अब भी प्रिंट नहीं हो सके हैं। सवाल यह उठता है कि जब नोटिस ही प्रिंट नहीं हुए, तो वे मतदाताओं तक कब पहुंचेंगे और उनकी आपत्तियों पर सुनवाई कब होगी।

 

उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान का दावा है कि 22 फरवरी तक 7.64 लाख में से 3.75 लाख मतदाताओं की सुनवाई प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हालांकि, असली संकट उन 3.89 लाख मतदाताओं का है जिनकी सुनवाई अभी शेष है। 27 मार्च तक की समय-सीमा है। ऐसे में प्रतिदिन हजारों की संख्या में सुनवाई करना प्रशासनिक मशीनरी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी न होने की स्थिति में संबंधित मतदाता का नाम सूची से कट जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि समय से नोटिस जारी करने के साथ ही आपत्तियों पर सुनवाई भी पूरी कर ली जाएगी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed