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Agra: यमुना पार में 55 हजार घरों को मिलेगा पेयजल, इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हुआ शुरू

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 12 Nov 2025 11:21 AM IST
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सार

आगरा के पोइया घाट पर यमुना नदी में इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू हो गया है। इसके बनने से यमुना पार में 55 हजार घरों को पेयजल मिलेगा।

Yamuna once rejected will now quench thirst 55,000 Agra homes to get clean water soon
इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के ट्रांस यमुना, कालिंदी विहार, फांउड्री नगर सहित 100 से अधिक गली-मुहल्ले और कॉलोनियों में करीब 55 हजार लोगों की प्यास यमुना जल से बुझेगी। पोइया घाट पर यमुना नदी में जल निगम ने इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया है। 12 से 18 महीने में कार्य पूरा हो जाएगा।
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यमुनापार इलाके में घर-घर पानी कनेक्शन भी शुरू हो गए हैं। इसके लिए 231 किमी. लंबी पाइप लाइन बिछाई जा रही है। फिलहाल इंटेक वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए यमुना नदी में पानी के नमूने लिए जा रहे हैं। इंटेकवेल की क्षमता करीब 8.50 करोड़ लीटर (85 एमएलडी) प्रतिदिन होगी। यमुना पार में पेयजल का विकराल संकट है। यहां करीब ढाई लाख से अधिक आबादी निजी टैंकर से पानी खरीदकर प्यास बुझाने को मजबूर है। टैंकर संचालक मनमानी वसूली करते हैं। गर्मियों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचती है। नगर निगम से कलेक्ट्रेट तक लोग विरोध-प्रदर्शन करते रहे हैं।
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मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। यमुनापार में 55 हजार घरों को पेयजल किल्लत से मुक्ति मिलेगी। ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-एक और दो के अलावा फाउंड्री नगर, शाहदरा, राज नगर, सीता नगर, नगला रामदास, कालिंदी विहार, कछपुरा आदि क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति होगी।

जिस गंगा के लिए यमुना को ठुकराया, अब वही काम आई
गंगाजल प्रोजेक्ट पर करीब तीन हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बुलंदशहर से 150 किमी. पाइप लाइन बिछाकर शहर की प्यास बुझाने के लिए गंगाजल लाया गया। जन प्रहरी संस्था संयोजक नरोत्तम सिंह शर्मा का कहना है कि जल निगम के अधिकारियों ने गंगाजल प्रोजेक्ट के लिए यमुना जल को शोधन के बाद पीने लायक नहीं बताया था। इसी आधार पर गंगाजल परियोजना बनी, लेकिन जिस गंगा के लिए यमुना को ठुकराया गया। अब यमुना पार की प्यास बुझाने में वही यमुना काम आ रही है। रिवर कनेक्ट कैंपेन संयोजक बृज खंडेलवाल का कहना है कि यमुना की सफाई कराई जाए। नदी में पर्याप्त पानी छोड़ा जाए।

 
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