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बजट 2026 की सबसे बड़ी सौगात: दिल्ली से प्रयागराज तक जलमार्ग, समोगर पर बनाया जाएगा टर्मिनल
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:17 AM IST
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सार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 20 नए जलमार्ग प्रस्तावित किए हैं, जिनमें दिल्ली से प्रयागराज तक यमुना वाटरवे प्रमुख है।
जलमार्ग
- फोटो : ai
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विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में अगले पांच साल में 20 नए वाटरवे (जलमार्ग) संचालित करने की घोषणा की है। आगरा से गुजर रही यमुना नदी को पांच साल पहले ही नेशनल वाटरवे-110 नाम दिया जा चुका है। इसमें नौवहन और माल ढुुलाई के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जा चुकी है। आगरा में समोगर के पास माल ढुलाई के लिए टर्मिनल प्रस्तावित किया गया है। वित्त मंत्री की घोषणा के बाद यमुना नदी में जहाज के जरिये माल ढुलाई की उम्मीद बंधी हैं।
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भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने 1080 किमी लंबी यमुना नदी को नेशनल वाटरवे-110 (एनडब्ल्यू-110) घोषित किया है। इसके लिए तैयार की गई डीपीआर में दिल्ली में जगतपुर से प्रयागराज के संगम तक जलमार्ग विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस पूरे जलमार्ग को दो स्ट्रेच में बांटा गया, जिसमें पहला दिल्ली से आगरा तक और दूसरा स्ट्रेच आगरा से संगम तक है।
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बजट में अंतर्देशीय जलमार्ग के लिए इस बार 446 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। बीते साल यह 89 करोड़ था, जबकि उससे पहले वर्ष 2024-25 में यह 76 करोड़ रुपये था। करीब पांच गुना बजट इस साल जलमार्ग के विकास के लिए बढ़ाया गया है। यमुना नदी में हर जिले में टर्मिनल बनाए जाएंगे। आगरा में ताजमहल से आगे समोगर पर टर्मिनल प्रस्तावित किया गया है। यह एक्सप्रेस-वे से जुड़ा है।
ताज के पीछे नहीं किया जा सका सर्वे
डीपीआर में कहा गया है कि ताजमहल के पीछे यमुना नदी में टोपोग्राफी और हाइड्रोग्राफिक सर्वे की अनुमति नहीं दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशील हिस्सा बताते हुए अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। इस वजह से पूरे सर्वे में ताजमहल के पास का हिस्सा छूटा हुआ है। सर्वे में समोगर की ओर बताया गया है कि ताजमहल से आगे नदी 2,333 मीटर की दूरी पर दाहिनी ओर मुड़ जाती है। यहां नदी की चौड़ाई 150 मीटर से 250 मीटर तक है। पोइया घाट पर पानी की गुणवत्ता अच्छी नहीं है और धारा धीमी है। यहां नौकायन के लिए कोई बाधा नहीं है लेकिन सर्वे के दौरान यहां न्यूनतम गहराई 0.8 मीटर और अधिकतम गहराई 3.7 मीटर पाई गई। यहां नदी की चौड़ाई 170 से 280 मीटर के बीच है।
डीपीआर में कहा गया है कि ताजमहल के पीछे यमुना नदी में टोपोग्राफी और हाइड्रोग्राफिक सर्वे की अनुमति नहीं दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशील हिस्सा बताते हुए अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। इस वजह से पूरे सर्वे में ताजमहल के पास का हिस्सा छूटा हुआ है। सर्वे में समोगर की ओर बताया गया है कि ताजमहल से आगे नदी 2,333 मीटर की दूरी पर दाहिनी ओर मुड़ जाती है। यहां नदी की चौड़ाई 150 मीटर से 250 मीटर तक है। पोइया घाट पर पानी की गुणवत्ता अच्छी नहीं है और धारा धीमी है। यहां नौकायन के लिए कोई बाधा नहीं है लेकिन सर्वे के दौरान यहां न्यूनतम गहराई 0.8 मीटर और अधिकतम गहराई 3.7 मीटर पाई गई। यहां नदी की चौड़ाई 170 से 280 मीटर के बीच है।
