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Aligarh News: नगलावरी में वन विभाग की 1905 बीघा जमीन होगी कब्जामुक्त
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नगला वरी के रास्ते पर भरा पानी और कीचड़। संवाद
- फोटो : Samvad
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अकराबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगलावरी के मजरा दमदपुरा में बीते तीन वर्ष से लोग मुख्य मार्ग पर जलभराव से बेहद परेशान हैं। एडीएम कोल महिमा राजपूत ने यहां जमीन की पैमाइश कराने का निर्देश दिया है, नगलावरी में वन विभाग की 1905 बीघा जमीन है, इस पर कई लोगों ने कब्जा कर लिया है। इस जमीन को कब्जामुक्त कराने के बाद जलनिकासी के लिए स्थायी पक्की नाली का निर्माण किया जाएगा।
18 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम जांच पड़ताल के लिए आई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। सोमवार की शाम एसडीएम कोल महिमा सिंह, नायब तहसीलदार सुप्रिया गर्ग, लेखपाल और कानूनगो आए। एसडीएम ने राजस्व विभाग को टीम गठित करने के निर्देश दिए। कहा कि जमीन की पैमाइश कर वन विभाग की जमीन वापस की जाए। जिन किसानों का वन विभाग की जमीन पर कब्जा है, उसे हटाया जाए।
परेशान ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण कुछ लोगों ने चंदा कर जेसीबी से नाली बनवाने का प्रयास किया, लेकिन अन्य लोगों ने इसका विरोध कर काम रुकवा दिया। दोबारा प्रयास किया तो पुलिस बुला ली गई। थाना प्रभारी ने कहा कि नाली बनवाने में विवाद हुआ तो वह सभी पर कार्रवाई कर देंगेे।
इस डर से काम बंद हो गया। नाली नहीं बनने से लोग गंदे पानी से निकल रहे हैं। एक दो किसान तो अपना घर छोड़कर घेर पर झोपड़ी डालकर परिवार के साथ रह रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जमीन की सही पैमाइश हो जाए तो नाली निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
नगलावरी में वन विभाग की 1905 बीघा जमीन है। कई किसान इस पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। एसडीएम ने राजस्व विभाग से कहा है कि गाटा संख्या 442 में, जहां गंदा पानी भरा है। उसकी पैमाइश की जाए और जो जमीन वन विभाग की है, वह वापस की जाए। इसके बाद जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
-सुप्रिया गर्ग, नायब तहसीलदार कोल।
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18 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम जांच पड़ताल के लिए आई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। सोमवार की शाम एसडीएम कोल महिमा सिंह, नायब तहसीलदार सुप्रिया गर्ग, लेखपाल और कानूनगो आए। एसडीएम ने राजस्व विभाग को टीम गठित करने के निर्देश दिए। कहा कि जमीन की पैमाइश कर वन विभाग की जमीन वापस की जाए। जिन किसानों का वन विभाग की जमीन पर कब्जा है, उसे हटाया जाए।
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परेशान ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण कुछ लोगों ने चंदा कर जेसीबी से नाली बनवाने का प्रयास किया, लेकिन अन्य लोगों ने इसका विरोध कर काम रुकवा दिया। दोबारा प्रयास किया तो पुलिस बुला ली गई। थाना प्रभारी ने कहा कि नाली बनवाने में विवाद हुआ तो वह सभी पर कार्रवाई कर देंगेे।
इस डर से काम बंद हो गया। नाली नहीं बनने से लोग गंदे पानी से निकल रहे हैं। एक दो किसान तो अपना घर छोड़कर घेर पर झोपड़ी डालकर परिवार के साथ रह रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जमीन की सही पैमाइश हो जाए तो नाली निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
नगलावरी में वन विभाग की 1905 बीघा जमीन है। कई किसान इस पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। एसडीएम ने राजस्व विभाग से कहा है कि गाटा संख्या 442 में, जहां गंदा पानी भरा है। उसकी पैमाइश की जाए और जो जमीन वन विभाग की है, वह वापस की जाए। इसके बाद जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
-सुप्रिया गर्ग, नायब तहसीलदार कोल।