अपने घर का सपना टूटा: पैसा भी डूबा, पांच साल में ठगे गए 5000 निवेशक, लेखपालों की भूमिका-बैनामों की होगी जांच
टप्पल क्षेत्र में यीडा अधिसूचित क्षेत्र में भूमाफिया ग्रुप प्लॉटिंग के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं। साथ में लगातार बैनामे भी हो रहे हैं। इस पर अब एसएसपी स्तर से लेखपालों की भूमिका व बैनामों की जांच की जाएगी। इस संबंध में एसएसपी स्तर से डीएम को पत्र लिखा जाएगा। ए
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भविष्य के लिए निवेश और अपने घर का सपना देखने वालों संग यह ठगी यमुना एक्सप्रेस वे व जेवर एयरपोर्ट के सहारे प्लॉट बताकर की गई। पिछले पांच वर्ष से इस क्षेत्र में सक्रिय इस ग्रुप ने पांच हजार से अधिक निवेशकों को ठग लिया। खास बात ये रही कि करीब 15 बीघा जमीन पर इस ग्रुप ने 40 बीघा से अधिक के प्लॉट काट दिए। यीडा अधिसूचित क्षेत्र में धड़ल्ले से बैनामे होते रहे, लेकिन राजस्व टीम चुप्पी साधे रही।
टप्पल व जेवर क्षेत्र में पिछले पांच वर्ष से इस तरह के करीब 50 भूमाफिया ग्रुप सक्रिय हैं। जो सोशल मीडिया ग्रुप पर प्रचार-प्रचार करते हैं, जबकि सच ये है कि यह यीडा अधिसूचित क्षेत्र है। यहां भूमि की खरीद बिक्री प्रतिबंधित है। एसएसपी नीरज जादौन के अनुसार जिस ग्रुप पर कार्रवाई हुई है। इस ग्रुप ने पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल तक के लोगों संग ठगी की है। सोशल मीडिया पर प्लॉटिंग का प्रचार कर महंगी गाड़ियों से खरीदारों को बुलाया गया। दूर से साइट दिखाकर प्लॉट बेच दिए गए, जब सच सामने आया और पता लगा कि इस ग्रुप की तो यहां कोई साइट नहीं, जिस पर प्लॉट काटे गए हों। तब ग्रुप के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई की गई है।
ऐसे की इस ग्रुप ने ठगी
फ्यूचर की होम जोन कंपनी व कंपनी के स्वामियों द्वारा 2020 में यहां आकर काम शुरू किया। ग्रुप ने सिमरौठी के किसानों संग धोखाधड़ी करते हुए अवैध तरीके से किसानों से जमीन खरीदी। कुछ मामलों में किसानों को उनकी कुल जमीन का पैसा भी नहीं दिया गया। कुछ मामलों में फर्जी बैनामा करके किसानों के कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर उनसे अवैध तरीके से जमीन हड़प ली गईं। उन्हीं जमीनों पर प्लॉट काटने की बात सामने आई है। भूमि पर बिना भू-उपयोग परिवर्तन के अवैध तरीके से प्लॉटिंग की गई। कई निवेशकों के साथ अपंजीकृत एग्रीमेंट करके उनसे भारी रकम ली गई, जब जमीन न मिलने पर निवेशकों ने धन वापस मांगा तो निवेशकों को वहां से डरा धमकाकर भगा दिया।
अब तक 25 कंपनियों पर मामले दर्ज
इस इलाके में इस तरह प्लॉटिंग करने वाली 25 कंपनियां हैं, जिन पर मामले दर्ज हैं। इन सभी कंपनियों, उनसे जुड़े लोगों का विवरण भी पुलिस जुटा रही है। आने वाले कुछ समय में इन पर भी कार्रवाई होगी। सबसे पहली बार रिपोर्ट तत्कालीन राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान की शिकायत पर दर्ज हुई थी।
लेखपालों की भूमिका-बैनामों की जांच होगी
टप्पल क्षेत्र में यीडा अधिसूचित क्षेत्र में भूमाफिया ग्रुप प्लॉटिंग के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं। साथ में लगातार बैनामे भी हो रहे हैं। इस पर अब एसएसपी स्तर से लेखपालों की भूमिका व बैनामों की जांच की जाएगी। इस संबंध में एसएसपी स्तर से डीएम को पत्र लिखा जाएगा। एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि इस क्षेत्र में लोग ऐसे ग्रुपों से सावधान रहें। यहां जमीन यीडा अधिसूचित क्षेत्र है। इसलिए यहां जमीन की खरीद बिक्री न करें। न इस तरह के ग्रुपों के झांसे में आएं। उनका कहना है कि इस तरह का धंधा बिना राजस्व टीमों की मिलीभगत के संभव नहीं है। इसलिए उनकी जांच भी कराने के प्रयास होंगे।
दो को जेल भेजा, तीसरा अभी फरार
रियल एस्टेट ग्रुप फ्यूचर की होम जोन कंपनी के तीन पार्टनरों पर छह जनवरी को गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई थी, जिसमें गैंग लीडर मूल रूप से बिहार रोहतास जिले के सासाराम क्षेत्र के दरिगांव का धर्मवीर यादव है। वर्तमान में वह नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र के मिथिला विहार में रहता है। इसके दो अन्य साथियों में मूल रूप से एटा अलीगंज के दहेलियापूथ का विष्णु शर्मा उर्फ आकाश है, जो वर्तमान में नोएडा की ग्रेट ग्रेट वैल्यू सरनम कॉलोनी, सेक्टर-96 में रहता है। तीसरा साथी बिहार मधुबनी के रुद्रपुर का पवन झा है। पुलिस ने तीनों में से विष्णु को सात जनवरी को व धर्मवीर को आठ जनवरी को गैंगस्टर एक्ट में जेल भेज दिया है। पवन झा अभी फरार चल रहा है।
कुर्क जमीन की खरीद बिक्री प्रतिबंधित
ढोल बजाकर संपत्ति कुर्की संबंधी बोर्ड लगाया। साथ में इस जमीन की खरीद बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई।इस कार्रवाई को एसपी देहात अमृत जैन की अगुवाई में सीओ वरुण कुमार सिंह, एसएचओ टप्पल शिवप्रसाद सिंह की संयुक्त टीम ने पूरा किया। एसएसपी ने इस कार्रवाई पर पुलिस टीम की पीठ ठोकी है। आगे भी कार्रवाई जारी रहने का संकेत दिया है।
नोएडा की संपत्तियों की भी जानकारी जुटा रही पुलिस
एसएसपी ने बताया कि यह ग्रुप पिछले पांच वर्ष से इस इलाके में सक्रिय है। इस ग्रुप ने टप्पल में भूमि खरीदने के अलावा नोएडा में भी संपत्तियां बनाई हैं। उनके विषय में भी जानकारी जुटाई जा रही है। वहां की संपत्तियों को भी कुर्क किया जाएगा।
ये संपत्तियां हुईं कुर्क
गांव सिमरौठी के सहारे जो जमीन कुर्क की गई है। उसमें कुछ तीनों के द्वारा खरीदी गई व कुछ पर किसानों से करार किया है, जिसमें गाटा संख्या 648, 667 व 668, 658, 642, 5123 की जमीन 11,760.028 वर्ग मीटर है।
पहले ये हुई कार्रवाई
- 19 जुलाई 2025 को भूमाफिया ग्रुप के तीन आरोपियों की गोरौला स्थित 40,596.613 वर्गमीटर भूमि कीमत 60 करोड़ 89 लाख 49 हजार 195 रुपये की संपत्ति कुर्क।
- 23 अगस्त 2025 को भूमाफिया ग्रुप के तीन आरोपियों की मेवा नगला नूरपुर रोड स्थित 15,200 वर्गमीटर भूमि कीमत 33 करोड़ 03 लाख 72 हजार रुपये की संपत्ति व 16 लाख की कार कुर्क।
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