UP Roadways: 62 बिना टिकट मामले में चेकिंग दल के दो चालक निलंबित, छह नए एटीआई तैनात
बुद्धविहार डिपो की बस में 64 में से 62 यात्री बिना टिकट यात्रा करते पाए गए। बस के संविदा चालक मिथुन, परिचालक जगदीश गौतम की बर्खास्त करते हुए तत्काल प्रभाव से संविदा समाप्त कर दी। परिचालक जगदीश गौतम के खिलाफ थाना बन्नादेवी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जबकि टीआई ( ट्रैफिक इंस्पेक्टर ) गर्वित शर्मा को निलंबित कर दिया गया।
विस्तार
अलीगढ़-बल्लभगढ़ मार्ग पर 16 मार्च को बुद्धविहार डिपो की रोडवेज बस में 62 यात्रियों के बिना टिकट मिलने के मामले में परिवहन निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। जांच में गंभीर अनियमितता सामने आने पर चेकिंग दल के दो चालकों को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा छह नए एटीआई (सहायक यातायात निरीक्षक) की तैनाती की गई है। इस कार्रवाई के बाद से विभाग में खलबली मची हुई है। अब तक इस पूरे प्रकरण में नाै लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है।
लखनऊ मुख्यालय से प्रवर्तन दल के जीएम गौरव वर्मा के नेतृत्व में टीम ने 16 मार्च को बुद्धविहार डिपो की बस की जांच की। इसमें 64 में से 62 यात्री बिना टिकट यात्रा करते पाए गए। विभाग ने इसे गंभीर भ्रष्टाचार की श्रेणी में मानते हुए बस के संविदा चालक मिथुन, परिचालक जगदीश गौतम की बर्खास्त करते हुए तत्काल प्रभाव से संविदा समाप्त कर दी। अगले दिन इस मामले में परिचालक जगदीश गौतम के खिलाफ थाना बन्नादेवी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जबकि टीआई ( ट्रैफिक इंस्पेक्टर ) गर्वित शर्मा को निलंबित कर दिया गया।
इसी मामले में बुधवार को कासगंज डिपो के सहायक यातायात निरीक्षक सतेंद्र कुमार, बुद्ध विहार डिपो के प्रदीप कुमार व संतोष कुमार शर्मा के अलावा अलीगढ़ डिपो के सहायक यातायात निरीक्षक राहुल कुमार को निलंबित किया गया है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि इसी मामले में हुई जांच में दोषी पाए गए चेकिंग दस्ते के महेश सिंह, चालक ( बुद्धविहार डिपो ) व प्रमोद कुमार, चालक ( कासगंज डिपो ) को निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस तरह की अनियमितताओं पर सख्त नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
नए एटीआई ( सहायक यातायात निरीक्षक ) की तैनाती
- ओमवीर सिंह - अलीगढ़
- राकेश कुमार शर्मा - अतराैली
- उमेश कुमार - बुद्ध विहार
- विनोद कुमार सेंगर - हाथरस
- सुनील कुमार - हाथरस
- रामखिलाड़ी - क्षेत्रीय कार्यशाला
छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई, बड़े अफसरों को राहत
अलीगढ़-वल्लभगढ़ मार्ग पर 16 मार्च को बुद्धविहार डिपो की रोडवेज बस में 62 यात्रियों के बिना टिकट मिलने के मामले में विभागीय कार्रवाई पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके निगम मुख्यालय ने इतिश्री कर दी है, जबकि बड़े अफसरों को राहत दे दी गई है। हालांकि बिना टिकट यात्रा कराने का खेल कब से चल रहा था और अब तक रोडवेज को कितना राजस्व घाटा हुआ..? इसका आकलन नहीं हुआ है। इस मामले में संबंधित बस के चालक-परिचालक की संविदा समाप्त करने के साथ ही चेकिंग दल के एक टीआई, चार एटीआई व दो चालकों समेत नाै कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि पूरे मामले में जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो रही है।
विभाग को राजस्व का लगाया जा रहा चूना
अलीगढ़ में इतनी बड़ी संख्या में रोडवेज बसों में बिना टिकट पकड़े जाने का यह पहला मामला नहीं हैं। इसी तरह करीब आठ साल पहले 21 अगस्त 2018 को अलीगढ़ -मथुरा मार्ग पर कस्बा इगलास के पास एसटीएफ ( स्पेशल टास्क फोर्स ) ने एक गिरोह के 11 लोगों को गिरफ्तार कर पर्दाफाश किया था। यह गिरोह रोडवेज बसों में फर्जी टिकटों के माध्यम से हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व को चूना लगा रहा था। इस पूरे मामले में अलीगढ़ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक, अलीगढ़-हाथरस के दो सहायक प्रबंधक व तीन टीएस को निलंबित किया गया था।