दावा और हकीकत: 20 घंटे वर्षा के बाद तीन घंटे में खाली हुआ पानी, बारिश में अलीगढ़ हुआ जलमग्न
मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर में करोड़ों रुपये से हुए विकास कार्यों और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। कुछ ही घंटों की बारिश में प्रमुख चौराहों, बाजारों और कई आवासीय कॉलोनियों में पानी भर गया।
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अलीगढ़ शहर में करीब 20 घंटे तक हुई बारिश के बावजूद इस बार जलभराव की समस्या अपेक्षाकृत कम समय तक रही। नगर निगम का दावा है कि अधिकांश प्रभावित इलाकों से दो से तीन घंटे के भीतर पानी की निकासी करा दी गई। निगम ने इसका श्रेय सीएम ग्रिड परियोजना के तहत विकसित जलनिकासी व्यवस्था, नालों की पूर्व सफाई और पंपिंग स्टेशनों के बेहतर संचालन को दिया है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बुधवार को सुबह से देर रात तक शहर के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान खैर रोड, रामघाट रोड, मैरिस रोड, गूलर रोड, किशनपुर, सुदामापुरी, छर्रा अड्डा, सेंटर प्वाइंट, जमालपुर, केला नगर और शाहजमाल समेत कई इलाकों का जायजा लिया।
नगर आयुक्त ने दावा किया कि जिन क्षेत्रों में पहले बारिश के बाद आठ से दस घंटे तक पानी भरा रहता था, वहां इस बार दो से तीन घंटे के भीतर जलनिकासी हो गई। इससे लोगों को आवागमन में राहत मिली। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए नगर निगम की सभी टीमें अलर्ट पर हैं।
नगर निगम मैरिस रोड को वीआईपी बनाने का दावा कर रहा था, जबकि मानसून की दूसरी ही बारिश में यह इलाका पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। प्रदेश के राज्यमंत्री संदीप सिंह के आवास के सामने भी जलभराव हो गया। इस बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोलकर रख दी है।- इंजीनियर आगा युनुस, कांग्रेस नेता
स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शाहजमाल समेत शहर में बारिश के बाद हालत जस के तस बने हुए हैं। बेहद नारकीय जीवन जीने को विवश होना पड़ रहा है। - आसिफ सहजी, शाहजमाल
मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर निगम के दावों की कलई खोल दी है। इससे विकास की सही तस्वीर सामने आ गई हैं। करोड़ों के विकास कार्य पानी में बहते नजर आ रहे हैं।- विनोद पांडेय, न्यू अशोक नगर
सीवर और ड्रेनेज सिस्टम की खराब स्थिति के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी के दावों के विपरीत, बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिख रहा है। - विशाल सोलंकी, मेलरोज बाईपास
जलनिकासी के हरसंभव उपाय अपनाए जा रहे हैं। नगर निगम की सभी टीमों को सक्रिय किया गया है। पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से संचालित किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते समस्या पैदा हुई है, जल्द ही इनका समाधान कराया जाएगा। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
जलनिकासी के दावों पर फिरा पानी, पहली तेज बारिश में शहर जलमग्न
मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर में करोड़ों रुपये से हुए विकास कार्यों और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। कुछ ही घंटों की बारिश में प्रमुख चौराहों, बाजारों और कई आवासीय कॉलोनियों में पानी भर गया।
बारिश के कारण मुख्य सड़कों से लेकर आवासीय क्षेत्रों तक पानी भर गया। शाहजमाल समेत कई निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए। शहर का शाहजमाल व ईदगाह रोड बारिश से लबालब हो गया। यहां कई घरों व दुकानों में पानी घुस गया।
इसके अलावा तुर्कमान गेट, देहलीगेट, खैर बाईपास रोड, मैलरोज बाईपास, मैरिस रोड, रामघाट रोड पर गांधी नेत्र चिकित्सालय, सेंटर प्वाइंट, गुरुद्वारा रोड, छर्रा अड्डा, गोविंद नगर, आगरा रोड, सासनीगेट, एटा चुंगी, नौरंगाबाद, नगला मान सिंह, नगला पटवारी, डालचंद नगला, धनीपुर में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। नालों की समय पर सफाई न होने और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बारिश का पानी घंटों तक सड़कों पर जमा रहा।
दलदल में फंस गई महापौर की गाड़ी
नगर निगम ने ढाई करोड़ रुपये से नालों की सफाई और मानसून की तैयारियों के दावे किए थे, लेकिन पहली ही तेज बारिश में इन दावों की हकीकत सामने आ गई। रघुवीरपुरी इलाके में कीचड़ व दलदल के चलते महापाैर प्रशांत सिंघल की गाड़ी फंस गई।
माली नगला व कुंवर नगर में जलभराव, प्रदर्शन की चेतावनी
वार्ड-62 के माली नगला, कुंवर नगर कॉलोनी के निवासी जलभराव और खराब सड़कों से परेशान हैं। उन्होंने महापौर और पार्षद के कार्यालयों में कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। लोगों ने अब प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
लोगों का कहना है कि पार्षद ने सड़क बनाने के लिए पैसा आने का दावा किया है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है। कुंवर नगर कॉलोनी में एस्टीमेट बनने के बाद भी गलियां नहीं बनी हैं। उन्होंने कहा कि यदि महापौर स्वयं आकर स्थिति का निरीक्षण नहीं करते हैं, तो वे मजबूर होकर उनके कार्यालय जाएंगे।