Transfer: विधायकों की शिकायत पर नहीं, ट्रांसफर सीजन में बदले गए अलीगढ़ के सीएमओ, हुआ प्रमोशन
जिस समय शिकायतों का दौर चल रहा था। उस समय सीएमओ स्तर से आयोजित कार्यक्रम प्रपत्रों में विधायकों के नाम उल्लेखित किए थे, लेकिन विधायकों ने यह कहकर कार्यक्रमों में जाने से इन्कार कर दिया था कि बिना सहमति नाम शामिल किए गए हैं। इसलिए हम नहीं जाएंगे।
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प्रदेश स्तर पर जारी तबादला सीजन में 31 मई को कई जिलों के सीएमओ बदले गए हैं। इसी क्रम में अलीगढ़ सीएमओ पद पर कानपुर के डिप्टी सीएमओ डॉ.रामनाथ सिंह को तैनाती दी गई है। यहां के सीएमओ डॉ.नीरज त्यागी को अब आगरा का जेडी बनाकर भेजा गया है। इस तबादले के बाद जिले भर में एक चर्चा ने तूल पकड़ा हुआ है, जिसमें सीधे कहा जा रहा है कि जिस सीएमओ को हटाने के लिए जिले के सात विधायकों ने जोर लगाया। वे उनकी शिकायत पर जमे रहे। अब ट्रांसफर सीजन में ही उनका बदलाव हुआ है।
सीएमओ पद पर डॉ.नीरज त्यागी की तैनाती चार वर्ष पहले हुई थी। 2024 के अंत में सीएमओ व उनके कार्यालय के खिलाफ स्वास्थ्य महानिदेशक से शिकायतें हुईं। साक्ष्य सहित दी गई शिकायतों की जांच के लिए एक टीम ने यहां आकर तीन दिन तक डेरा डाला। जांच के बाद कार्रवाई के नाम पर नतीजा कुछ नहीं निकला।
इसके बाद पिछले वर्ष जिले के सात विधायकों ने सीएमओ व उनके कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर सीएम व डिप्टी सीएम से शिकायतें कीं। इन शिकायतों में निजी अस्पतालों की पंजीकरण व्यवस्था का मुद्दा उछाला और उनके कार्यालय के एक बाबू को साथ में घेरा गया। मामले में मंडलायुक्त को जांच के निर्देश मिले।
मंडलायुक्त ने एक एसीएम व अपर निदेशक स्वास्थ्य से जांच रिपोर्ट तलब की। जांच रिपोर्ट में शिकायतों के आधार पर कार्यालय के बाबू की भूमिका पर सवाल खड़े किए, जिसके आधार पर बाबू के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई, लेकिन सीएमओ को हटवाने में विधायकों की सामूहिक ताकत विफल रही और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
अब आकर जब प्रदेश स्तर पर तबादला सीजन शुरू हुआ तो इस पद पर बदलाव हुआ है। अब डॉ.नीरज त्यागी के स्थान पर कानपुर के डिप्टी सीएमओ डॉ.रामनाथ को यहां सीएमओ बनाकर भेजा जा रहा है। उन्होंने एक दो दिन में अलीगढ़ आकर चार्ज संभालने की बात कही है। वहीं, नीरज त्यागी को आगरा जेडी बनाकर भेजा गया है। ऐसे में चर्चा विधायकों की सामूहिक ताकत को लेकर हो रही है।
कार्यक्रमों तक में नहीं गए थे उस समय विधायक
जिस समय शिकायतों का दौर चल रहा था। उस समय सीएमओ स्तर से आयोजित कार्यक्रम प्रपत्रों में विधायकों के नाम उल्लेखित किए थे, लेकिन विधायकों ने यह कहकर कार्यक्रमों में जाने से इन्कार कर दिया था कि बिना सहमति नाम शामिल किए गए हैं। इसलिए हम नहीं जाएंगे। इस शिकायत में शहर विधायक, कोल विधायक, इगलास विधायक, छर्रा विधायक, खैर विधायक, एमएलसी आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे थे।