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AMU: एपीएस में 4.8 करोड़ के हेरफेर का मामला, रजिस्ट्रार के साथ पूर्व वीसी के भी किए फर्जी हस्ताक्षर, रकम होल्ड

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Thu, 02 Apr 2026 03:21 PM IST
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सार

अलीगढ़ पब्लिक स्कूल का संचालन सर सैयद एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी के तहत होता है। हालांकि, बीच में ही अलीगढ़ पब्लिक स्कूल शिक्षा समिति नाम से एक नई संस्था बना ली गई। इस समिति में पूर्व कुलपति ले. जमीरउद्दीन शाह को अध्यक्ष और प्रो. जकिया अतहर को सचिव व प्रबंधक दर्शाया गया है।

APS school scam worth Rs 4.8 crore
घोटाला सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के संरक्षण में संचालित अलीगढ़ पब्लिक स्कूल (एपीएस) में करोड़ों रुपये की वित्तीय हेराफेरी के मामले की जांच में पूर्व कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह और पूर्व कुलसचिव अब्दुल हमीद के हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए हैं। स्कूल के खाते से 4.8 करोड़ रुपये की राशि फर्जी तरीके से एपीएस शिक्षा समिति के खाते में ट्रांसफर की गई थी। अब मामला खुलने के बाद रकम होल्ड कर दी गई है।

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घोटाले की शुरुआत 23 जुलाई 2025 को हुई, जब यस बैंक से केनरा बैंक में करोड़ों रुपये ट्रांसफर करने के लिए एक चेक लगाया गया। उस समय मोहम्मद इमरान विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलसचिव थे, लेकिन चेक पर पूर्व कुलसचिव अब्दुल हमीद के हस्ताक्षर थे। शक होने पर 25 जुलाई को बैंक अधिकारी ने मोहम्मद इमरान से मुलाकात की, जिसके बाद हुई प्राथमिक जांच में पुष्टि हुई कि हस्ताक्षर अब्दुल हमीद के नहीं थे।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए ओएसडी प्रो. जकिया अतहर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। शुरुआती कार्रवाई में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को हटाया गया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन प्रो. जकिया की जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुआ। प्रशासन का मानना है कि रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है, जिसके चलते अब विस्तृत उच्चस्तरीय जांच बैठा दी गई है।

एएमयू के रजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफर ने बताया कि अलीगढ़ पब्लिक स्कूल का संचालन सर सैयद एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी के तहत होता है। हालांकि, बीच में ही अलीगढ़ पब्लिक स्कूल शिक्षा समिति नाम से एक नई संस्था बना ली गई। इस समिति में पूर्व कुलपति ले. जमीरउद्दीन शाह को अध्यक्ष और प्रो. जकिया अतहर को सचिव व प्रबंधक दर्शाया गया है। अब चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि समिति के पत्रों पर ले. जमीरउद्दीन शाह के हस्ताक्षर भी मेल नहीं खा रहे हैं। इस संबंध में उन्हें स्पष्टीकरण के लिए पत्र भेजा जा रहा है।

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