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Aligarh News: चारा काटने की मशीन से कटा बच्चे का हाथ, जेएन मेडिकल में छह घंटे की सर्जरी के बाद जुड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 02 Jan 2026 02:29 PM IST
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सार
राघव का हाथ चारा काटने की मशीन में फंस गया और कलाई के स्तर पर पूरी तरह कट गया। ढाई घंटे के भीतर परिजन उसे जेएन मेडिकल कॉलेज ले आए। राघव की हालत देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
र्जरी के बाद अपने डॉक्टरों और परिजनों के साथ प्रसन्न राघव
- फोटो : स्वयं
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विस्तार
जेएन मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में छह घंटे की सर्जरी के बाद चार साल के राघव का कटा हाथ जुड़ गया। चारा काटने की मशीन में हाथ फंस जाने से कलाई से हाथ कट गया था।
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जिले के एक गांव निवासी रवींद्र का चार वर्षीय बेटा राघव उस समय गंभीर हादसे का शिकार हो गया, जब उसका हाथ चारा काटने की मशीन में फंस गया और कलाई के स्तर पर पूरी तरह कट गया। ढाई घंटे के भीतर परिजन उसे जेएन मेडिकल कॉलेज ले आए। राघव की हालत देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तुरंत जांच शुरू कर दी। प्राथमिक उपचार के बाद राघव को आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। इसके बाद छह घंटे तक राघव की सर्जरी चली। प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम ने माइक्रोसर्जरी के जरिये हड्डियों को कलाई से जोड़ा। नसें भी कट गई थीं, जिसे जोड़कर रक्त प्रवाह बहाल किया। सर्जरी के बाद बच्चे को आठ यूनिट रक्त चढ़ाना पड़ा।
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इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व डॉ. शेख सरफराज अली ने किया। उनके साथ रेजिडेंट डॉक्टर आर्येश कुमार गुप्ता, डॉ. फहद अंसारी, डॉ. आकांक्षा चौहान, डॉ. कानन कोहली रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. फरहा, डॉ. महविश और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई। डॉ. शेख सरफराज अली ने बताया कि बच्चों में इस तरह की सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि उनकी रक्त वाहिकाएं और ऊतक अत्यंत सूक्ष्म होते हैं।
ढाई घंटे के बीच राघव को परिजन मेडिकल कॉलेज लाए। डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की। सफल सर्जरी के बाद वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में फिजियोथेरेपी और पुनर्वास उपचार से गुजर रहा है। उम्मीद है कि आने वाले समय में उसका हाथ धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियों में सक्षम हो सकेगा।-प्रो. एमएफ खुर्रम, अध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज
