Aligarh: भाजपा की रार में दोनों गुटों को पुलिस जांच का इंतजार, महानगर अध्यक्ष व गनर से हुई थी अभद्रता
भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय अध्यक्ष के साथ फोटो खिंचाने को लेकर महानगर अध्यक्ष से दो बार धक्का-मुक्की कर दी। तीसरी बार कार्यक्रम समापन के बाद भी धक्कामुक्की होने पर बात बिगड़ गई, उनके गनर अनूप संग धक्कामुक्की, हाथापाई के बीच मारपीट तक कर दी गई।
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अलीगढ़ के भाजपा महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा संग कुछ कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की व उनके गनर से मारपीट का मुद्दा पार्टी में तूल पकड़ रहा है। अभी दोनों खेमों को पुलिस जांच व पार्टी हाईकमान के निर्देश का इंतजार है, मगर इस घटना पर पार्टी की गुटबाजी सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई है। दोनों खेमों से जुड़े लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।
ये घटनाक्रम 31 दिसंबर दोपहर का है। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष हैबिटेट सेंटर में आयोजित अटल स्मृति कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, तभी कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके साथ फोटो खिंचाने को लेकर महानगर अध्यक्ष से दो बार धक्का-मुक्की कर दी। तीसरी बार कार्यक्रम समापन के बाद भी धक्कामुक्की होने पर बात बिगड़ गई, उनके गनर अनूप संग धक्कामुक्की, हाथापाई के बीच मारपीट तक कर दी गई। इस विषय में गनर की ओर से एसएसपी को लिखित शिकायत दी गई है, जबकि महानगर अध्यक्ष ने क्षेत्रीय अध्यक्ष को पूरा विषय बता दिया है।
अंदरखाने इस विवाद के मूल में राजीव शर्मा के पुन: महानगर अध्यक्ष बनने के बाद महानगर में हुई खेमेबंदी उजागर हो रही है। इसी का परिणाम है कि घटनाक्रम के बाद से सोशल मीडिया पर दोनों खेमों से प्रतिक्रिया दी जा रही हैं। कुछ लोगों ने तो इसे छोटे कार्यकर्ता का अपमान व जाति से जोड़ कर प्रतिक्रिया दी है।
महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा इतना ही कहते हैं कि हमने पूरा विषय हाईकमान को बता दिया है। नेतृत्व ने भी कह दिया है कि वे अपने स्तर से देखेंगे। इधर, दूसरा पक्ष अब पुलिस जांच व शीर्ष नेतृत्व के कदम का इंतजार कर रहा है। इस विषय में एसएसपी नीरज जादौन कहते हैं कि हमें गनर की ओर से मिली शिकायत पर जांच जारी है।
प्रदेश नेतृत्व ले सकता है निर्णय
इस विषय में कोई खुलकर तो नहीं बोल रहा। मगर प्रदेश नेतृत्व के स्तर से इस घटना को गंभीरता से लिए जाने की जानकारी मिल रही है। पार्टी सूत्रों के स्तर से पता चल रहा है कि इस विषय में जल्द कोई निर्णय लिया जा सकता है। इस घटनाक्रम के बाद जिले के जनप्रतिनिधियों के स्तर से भी अलग-अलग राय नेतृत्व को दी जा रही है। साथ में इस प्रकरण में शामिल लोगों के पुराने घटनाक्रमों को भी नेतृत्व तक भेजा जा रहा है। इसी दिशा में दूसरा पक्ष सांसद के वापस आने का इंतजार कर रहा है। उनके वापस आने पर अपनी बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही जा रही है।
सिफारिशों से एक जगह रहते हैं गनर
अलीगढ़ जिले में आधा दर्जन ऐसे माननीय हैं, जिनके गनर लंबे समय से उनके साथ हैं। उनके तबादले या बदलने पर माननीयों के स्तर से अधिकारियों तक सिफारिश की जाती है। जिसे इस तरह जोड़कर देखा जा रहा है कि कई बार ऐसे गनर माननीयों व राजनेताओं के बेहद करीब हो जाते हैं। उनके साथ होने वाली घटनाओं पर खुलकर विरोध करते हैं। इस घटना में भी गनर अनूप पर दूसरा पक्ष कारबाइन तानने का आरोप लगा रहा है। व्यावहारिक पक्ष पर पुलिस नियमावली के जानकार यही कहते हैं कि भीड़ में महानगर अध्यक्ष के साथ धक्कामुक्की में अगर कोई बड़ी घटना हो जाती तो गनर पर ही सवाल खड़े होते। उसने कारबाइन तानी थी या कारबाइन बचाने का प्रयास किया था। ये जांच का विषय है।
