शादी का महाकुंभ: 700 जोड़ों का हुआ संगम, थामा एक-दूसरे का हाथ, वैदिक मंत्र संग गूंजी कुरान की आयतें
अलीगढ़ में 621 जोड़ों ने सात फेरे लिए और 79 जोड़ों ने काजी के सामने निकाह किया। अफसरों ने बरातियों का स्वागत किया। पगड़ी पहन कर अफसर शादी में शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अलीगढ़ जिले में पहली बार 700 जोड़ों ने एक साथ एक-दूसरे का हाथ थामा है। ताला नगरी स्थित एक निजी स्कूल के समीप मैदान में इसका भव्य आयोजन किया गया। 621 जोड़ों ने सात फेरे लिए और 79 जोड़ों ने काजी के सामने निकाह किया। एक ही पंडाल में वैदिक मंत्रों और कुरान की आयतें गूंजी। योजना के तहत धनराशि 51 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। इस आयोजन में लगभग सात करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
सीडीओ योगेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने महंगाई को देखते हुए योजना की धनराशि 51 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है। प्रत्येक जोड़े को आर्थिक सहायता, घरेलू सामान और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, कोल विधायक अनिल पाराशर, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष चौ. कृष्णपाल सिंह व महानगर अध्यक्ष राजीव शर्मा को पगड़ी पहना कर स्वागत किया गया। जिपं अध्यक्ष ने कहा कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील सोच है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानजनक जीवन की शुरुआत देती है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुभांशु कटियार, डीडीओ आलोक आर्य, पीडी भाल चन्द त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, डीसी एनआरएलएम मंजू त्रिवेदी, बीएसए डॉ. राकेश कुमार सिंह, डीएसओ सत्यवीर सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी विनीत मलिक, सीवीओ डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, सीडीपीओ आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
अफसरों ने किया बरात का स्वागत
700 बेटियों की शादी में अफसरों व जनप्रतिनिधियों ने बढ़चढ़ कर योगदान किया। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने वर-वधू को मंच पर आशीर्वाद दिया। अफसरों ने बरातियों का स्वागत किया। पगड़ी पहन कर अफसर शादी में शामिल हुए।
120 पुरोहित और चार काजी रहे मौजूद
इस समारोह में 120 पुरोहितों ने रीति-रिवाजों के साथ हिंदू जोड़ों का विवाह कराया। वहीं मुस्लिम जोड़ों के निकाह चार काजी मौलाना मोहम्मद जुबेर, मौलाना महबूब रहमान, मौलाना महफूज आलम और मौलाना अब्दुल हन्नान ने इस्लामिक परंपराओं के अनुसार कराया।
बारिश ने डाला खलल
बारिश ने आयोजन में कुछ खलल डाला। जिससे कई परिवारों को दान में मिलने वाला सामान नहीं मिल सका, फिर भी व्यवस्थाएं ठीक रहीं। सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बैठने, विद्युत और स्वादिष्ट भोजन की बेहतर व्यवस्था की गई। परिजनों ने कहा कि विपरीत मौसम के बावजूद आयोजन सुव्यवस्थित और यादगार रहा।
