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अमर उजाला संवाद: संचालकों ने रखी बेबाक राय, बोले- कोचिंग बंद करने से प्रभावित हो रही विद्यार्थियों की तैयारी

Fri, 10 Jul 2026 06:14 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Fri, 10 Jul 2026 06:14 PM IST
सार

अमर उजाला संवाद में अलीगढ़ के विभिन्न कोचिंग कोचिंग सेंटर संचालक ने अपनी राय रखी। कोचिंग सेंटर बंद रखने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अगर किसी संस्थान में सुरक्षा संबंधी कमियां हैं, तो उसे दूर करने के लिए 90 दिन का समय देना चाहिए। सुरक्षा समिति की अनुपालन की प्रक्रिया व्यावहारिक, पारदर्शी व सहयोगात्मक हो, जिससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो।

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Coaching operator in Amar Ujala Samvad Aligarh
ताला नगरी अमर उजाला कार्यालय में सवांद कार्यक्रम में मौजूद कोचिंग संचालक - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की सख्ती के बीच संचालकों और शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आया। 9 जुलाई को तालानगरी स्थित कार्यालय में आयोजित अमर उजाला संवाद में संचालकों ने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन संस्थानों को बंद करने से हजारों विद्यार्थियों की तैयारी प्रभावित हो रही है और शिक्षक व कर्मचारी बेरोजगारी के संकट से जूझ रहे हैं।

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उन्होंने सरकार से शपथ पत्र के आधार पर कोचिंग संचालित करने की अनुमति और कमियां दूर करने के लिए 90 दिन का समय देने की मांग की। आरएस कौशिक ने कहा कि कोचिंग संस्थान बंद होने से न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हुई है, बल्कि बड़ी संख्या में शिक्षक भी बेरोजगार हो गए हैं। सरकार को छात्रों और शिक्षकों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।
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विरपेश शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा जितनी आवश्यक है, उतनी ही उनकी शिक्षा भी महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसकी भरपाई स्कूल और कॉलेज नहीं कर सकते।
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सीए यश वार्ष्णेय ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले ही नया कोचिंग सेंटर शुरू किया था, जहां केवल दो-तीन छात्र थे, लेकिन उसे भी सील कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उसी परिसर में उनका कार्यालय भी संचालित होता है, जो कार्रवाई की चपेट में आ गया। अतुल कटारा ने कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन कोचिंग संचालन की अनुमति के साथ 90 दिन का समय दिया जाए, ताकि सभी संस्थान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर सकें। माैके पर सचिव नवाब साकिब इब्राहिम, शोएब मसरूर, मोहम्मद सुबहान मौजूद रहे।

खड़ा हो गया आर्थिक संकट
संचालन अनुमति के लिए कोचिंग संचालकों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।-लोकेश चौधरी, कोचिंग संचालक

सिंगल विंडो सिस्टम लागू हो
कोचिंग संस्थानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए, क्योंकि अलग-अलग विभागों में पत्रावलियां जमा कराने के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।-फरान शिकोह, कोचिंग संचालक

90 दिन का समय मिले
अगर किसी संस्थान में सुरक्षा संबंधी कमियां हैं, तो उसे दूर करने के लिए 90 दिन का समय देना चाहिए। सुरक्षा समिति की अनुपालन की प्रक्रिया व्यावहारिक, पारदर्शी व सहयोगात्मक हो, जिससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो।-विनीत शर्मा, अध्यक्ष, कोचिंग फेडरेशन ऑफ अलीगढ़

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