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Aligarh News: तीन दिन खुला एलमपुरा उपस्वास्थ्य केन्द्र, फिर लटका ताला
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चंडौस के एलमपुरा का उप स्वास्थ्य केंद्र पर लटका हुआ ताला। संवाद
- फोटो : samvad
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क्षेत्र के गांव एलमपुरा में दो वर्ष पूर्व आठ लाख रुपये की लागत से बना उप स्वास्थ्य केंद्र (जन आरोग्य मंदिर) आज भी नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों के निर्देश पर तीन दिन तक खुले केंद्र पर फिर से ताला लग गया है।
करीब 3500 की आबादी प्राथमिक उपचार की सुविधा से वंचित है। शासन की योजना के अनुसार केंद्र पर सीएचओ, एएनएम तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती कर मरीजों को घर के पास ही प्राथमिक उपचार 16 प्रकार की जांचें और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन भवन निर्माण के बाद से ही यह केंद्र स्टाफ के अभाव में बंद पड़ा है।
समस्या को 14 मार्च को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। विभाग सक्रिय हुआ और 17 मार्च को अस्थायी रूप से कुछ स्टाफ अटैच कर केंद्र की साफ-सफाई कराई गई। एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में केंद्र का संचालन भी शुरू हुआ, लेकिन यह व्यवस्था केवल तीन दिन ही चल सकी। 20 मार्च के बाद केंद्र फिर बंद हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी होने पर सीएचसी पर जाना पड़ता है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी शर्मा ने बताया है कि दो साल से उप स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ है। अमर उजाला ने समस्या को उठाया था, लेकिन तीन दिन खुलने के बाद केंद्र फिर से ताले में कैद हो गया।
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एमआर वैक्सीन का कार्य चल रहा है। इसलिए स्टाफ उस कार्य में जुटा है। जल्द ही केंद्र पर स्टाफ की तैनाती कराकर उसको सुचारू कराया जाएगा। - डॉ. कुलदीप राजपुरी, सीएचसी अधीक्षक, चंडौस।
करीब 3500 की आबादी प्राथमिक उपचार की सुविधा से वंचित है। शासन की योजना के अनुसार केंद्र पर सीएचओ, एएनएम तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती कर मरीजों को घर के पास ही प्राथमिक उपचार 16 प्रकार की जांचें और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन भवन निर्माण के बाद से ही यह केंद्र स्टाफ के अभाव में बंद पड़ा है।
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समस्या को 14 मार्च को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। विभाग सक्रिय हुआ और 17 मार्च को अस्थायी रूप से कुछ स्टाफ अटैच कर केंद्र की साफ-सफाई कराई गई। एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में केंद्र का संचालन भी शुरू हुआ, लेकिन यह व्यवस्था केवल तीन दिन ही चल सकी। 20 मार्च के बाद केंद्र फिर बंद हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी होने पर सीएचसी पर जाना पड़ता है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी शर्मा ने बताया है कि दो साल से उप स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ है। अमर उजाला ने समस्या को उठाया था, लेकिन तीन दिन खुलने के बाद केंद्र फिर से ताले में कैद हो गया।
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