CWG 2026: दो पदक जीतने पर गुलवीर सिंह के गांव में जश्न, नाती की जीत पर मलंग होकर झूमी दादी, यह बोले परिजन
पूरा परिवार मोबाइल स्क्रीन पर निगाहें टिकाए बैठा था। पिता पप्पू सिंह, मां लक्ष्मी देवी, भाई मोनू चौधरी, नरेश, पत्नी बबिता सहित सभी सदस्य हर पल गुलवीर के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए थे। पदक जीतने की घोषणा होते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल छा गया।
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राष्ट्रमंडल खेलों में 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह के कांस्य पदक जीतने के बाद उनके गांव सिरसा में खुशी की लहर दौड़ गई। नाती गुलवीर की जीत पर मलंग होकर दादी खूब झूमी। गांव वालों और रिश्तेदारों को पदक जीतने की जानकारी मिली तो वह भी बधाई देने पहुंचने लगे।
नाती के जीतने की खबर रविवार सुबह जैसे ही 99 वर्षीय बुजुर्ग दादी गेंदो देवी को लगी, वह मलंग होकर झूम उठीं। डगमगाते कदमों और लड़खड़ाती जुबान से वह कह रही थीं, गुलवीर मेरौ नाती ए, बाने मेडल जीतो ए, मौए भारी खुशी है। चार दिन पहले उन्होंने कहा था कि फाइनल में जीत हासिल करने पर वह जी भरकर नाचेंगी। बड़ी बुआ राजकुमारी, सुखवीरी, मौसी मंजू देवी, सीमा देवी, ताऊ मनवीर सिंह और फुफेरे भाई सोनू चौधरी ने खुशी जाहिर की है।
परिवार की मोबाइल पर टिकी रहीं निगाहें
पूरा परिवार मोबाइल स्क्रीन पर निगाहें टिकाए बैठा था। पिता पप्पू सिंह, मां लक्ष्मी देवी, भाई मोनू चौधरी, नरेश, पत्नी बबिता सहित सभी सदस्य हर पल गुलवीर के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए थे। पदक जीतने की घोषणा होते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल छा गया। मिठाइयां बांटी गईं और एक-दूसरे को बधाई दी गई।
वीडियो कॉल पर पिता बोले- जुग-जुग जियो
शनिवार देर रात फाइनल मुकाबला खेलने के बाद रविवार सुबह तड़के गुलवीर ने परिवार के सदस्यों से वीडियो कॉल पर बात की। बेटे की जीत पर मां लक्ष्मी देवी और पिता पप्पू सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों ने भावुक होकर बेटे को आशीर्वाद देते हुए कहा, जुग-जुग जियो। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी गुलवीर को बधाई दी। बड़े भाई मोनू गांव में बने उड़िया बाबा के मंदिर पहुंचे और दर्शन किए। परिवार के सदस्यों ने भी मंदिर में माथा टेककर जलाभिषेक किया।
जीते हुए मेडलों को माथे से लगाकर चूमती रहीं मां और पत्नी
गुलवीर सिंह की जीत की खुशी घर के हर सदस्य के चेहरे पर साफ झलक रही थी। मां लक्ष्मी देवी और पत्नी बबिता घर में रखे गुलवीर के मेडल बार-बार माथे से लगाकर चूमती रहीं। उनकी आंखों में खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। पत्नी ने दोनों बेटियों श्रीवन्या और शवि को मेडल दिखाते हुए बताया कि उनके पिता ने कड़ी मेहनत से यह सम्मान हासिल किया है और अब देश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पदक जीतकर परिवार का नाम रोशन किया है। माता-पिता ने कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि उनके घर बधाई देने नहीं पहुंचा।
बचपन से ही होनहार है गुलवीर
बड़े भाई मोनू ने बताया कि गुलवीर ने आठवीं तक की पढ़ाई गांव स्थित विद्यालय से की है। उन्होंने बताया कि गुलवीर शुरू से ही दौड़ में काफी तेज था। उनके शिक्षक व पड़ोसी बनवारी लाल ने बताया कि बचपन से ही उसकी रुचि दौड़ में अधिक थी। आठवीं तक वह गांव में होने वाली हर दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेता था।
गांव में चौपालों पर होती रही उपलब्धियों की चर्चा
रविवार को पूरे दिन गुलवीर के पदक जीतने की चर्चा होती रही। गांव में चौपाल लगाकर बैठे लोग उसकी तारीफ करते हुए नजर आए। गांव के मुख्य द्वार से घुसते ही एक घर के चबूतरे करीब 10 लोग पेड़ के नीचे बैठे हुए। सभी लोग कह रहे थे कि आज का दिन गांव के लिए हर्ष का दिन है। पूरन सिंह व पूर्व सैन्यकर्मी छोटे लाल ने कहा कि युवाओं को गुलवीर से प्रेरणा लेनी चाहिए।
पदक विजेता गुलवीर के नाम से बनेगा पालीमुकीमपुर में स्टेडियम
बिजौली ब्लॉक के गांव पालीमुकीमपुर में प्रस्तावित स्पोर्ट्स स्टेडियम अब इलाके के पदक विजेता एथलीट गुलवीर सिंह के नाम से होगा। इस संबंध में एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष अनुरोध किया था, जिस पर मंजूरी मिल गई है। साथ में इस स्टेडियम के सर्वे के लिए सोमवार को मौके पर खेल विभाग की टीम पहुंचेगी। प्रयास हैं कि अगले दो माह में इस स्टेडियम का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
पालीमुकीमपुर क्षेत्र के गांव सिरसा अंतरराष्ट्रीय एथलीट गुलवीर सिंह की उपलब्धियों को देखते हुए क्षेत्र में लंबे समय से स्पोर्ट्स स्टेडियम की मांग की जा रही थी। पिछले दो वर्ष से हो रहे प्रयास में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह व एमएलसी चौधरी ऋषिपाल सिंह ने शासन में मांग रखी। साथ में मुख्यमंत्री के समक्ष भी बात रखी। इसी क्रम में जून माह में इस स्टेडियम की मंजूरी मिल गई थी। अब फिर से गुलवीर के पदक जीतने पर इलाके में उत्साह है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने यह स्टेडियम जल्द बनवाने व इसका नाम गुलवीर के नाम पर करने के संबंध में शासन में बात की। इस पर स्वीकृति मिल गई है। प्रदेश में इस तरह के कुल 15 जिलों में स्टेडियम बन रहे हैं, जिनमें एक यह स्टेडियम गुलवीर के नाम पर होगा।
एमएलसी ऋषिपाल सिंह के अनुसार यह स्टेडियम पालीमुकीमपुर पर बिहारी लाल भारती इंटर कॉलेज के पीछे करीब 20 बीघा जमीन में दस करोड़ की अनुमानित लागत से बनना तय हुआ है। इसके लिए खेल विभाग की टीम सोमवार को मौके पर पहुंचेगी। बहुत जल्द प्रस्ताव बनाकर बजट मंजूरी की प्रक्रिया होगी और दो माह में निर्माण शुरू कराया जाएगा। इसमें सिंथेटिक ट्रैक, आधुनिक खेल मैदान, इंडोर हॉल तथा अन्य आवश्यक खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।