सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Israel-Iran War impact on pulses trade

Israel-Iran War: युद्ध लंबा खिंचा तो महंगी हो सकती हैं दालें, अलीगढ़ के दाल बाजार में मची हलचल

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Fri, 06 Mar 2026 10:55 AM IST
विज्ञापन
सार

ईरान-इस्राइल युद्ध का असर दाल बाजार पर भी हो सकता है। दाल एवं बेसन कारोबारी मनोज के अनुसार, युद्ध का सबसे गंभीर प्रभाव अरहर की दाल की आपूर्ति पर पड़ेगा, क्योंकि इसका एक बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है।

Israel-Iran War impact on pulses trade
दाल - फोटो : प्रतीकात्मक
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों ने अलीगढ़ के खाद्यान्न व्यापारियों में चिंता है। मानना है कि यदि ईरान-इस्राइल युद्ध लंबा खिंचता है, तो जिले में दालों की आपूर्ति और कीमतों पर इसका असर पड़ना तय है। विशेष रूप से आयात होने वाली दालों के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है।

Trending Videos


अलीगढ़ जिले के दाल बाजार के विषय में महावीर गंज खाद्यान्न व्यापार मंडल के अनुसार जिले में हर महीने लगभग 1,000 टन दालों की खपत होती है। दालों का मासिक टर्नओवर करीब 10 करोड़ रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष और महावीर गंज खाद्यान्न व्यापार मंडल के महामंत्री विशाल भगत का कहना है कि जब भी दुनिया के किसी कोने में युद्ध या बड़ी आपदा आती है, तो वैश्विक बाजार के साथ-साथ स्थानीय कीमतों में भी उछाल आता है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन जाता है।

दाल एवं बेसन कारोबारी मनोज के अनुसार, युद्ध का सबसे गंभीर प्रभाव अरहर की दाल की आपूर्ति पर पड़ेगा, क्योंकि इसका एक बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि देश में इस समय चने और मसूर की फसल तैयार है, जिससे इनकी कीमतों में तत्काल भारी बढ़ोतरी की संभावना कम है। लेकिन अरहर, उड़द और काबली चना जैसी दालें जो बाहर से आती हैं, उनके स्टॉक पर संशय बना हुआ है।
महावीर गंज खाद्यान व्याार मंडल के पदाधिकारीपरिवहन लागत बढ़ने का डर 
उद्योग व्यापार मंडल के युवा अध्यक्ष धुव्रेश चंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि युद्ध के कारण कच्चे तेल के आयात में बाधा आने पर डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। यदि डीजल महंगा हुआ तो माल ढुलाई का बोझ सीधा उपभोक्ता की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि ढुलाई महंगी होने से हर वस्तु के दाम बढ़ जाएंगे।कारोबारी ईशांक अग्रवाल का मानना है कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और घबराने जैसी बात नहीं है। लेकिन उन्होंने आगाह किया कि अगर युद्ध की स्थिति इसी प्रकार बनी रही, तो आने वाले दिनों में बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed