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अग्निपथ योजना: अब राज्यपाल तक पहुंचा केस वापसी का मुद्दा, अलीगढ़ सहित 12 जिलों में दर्ज हुई थीं एफआईआर
Sat, 04 Jul 2026 05:26 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 04 Jul 2026 05:26 PM IST
सार
अलीगढ़ के अलावा आगरा, मथुरा, गौतमबुद्धनगर, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, रायबरेली, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया शामिल हैं, जिनमें कुल 50 केस दर्ज हुए थे।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करते राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर
- फोटो : स्वयं
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विस्तार
वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना के खिलाफ भड़की हिंसा में दर्ज मुकदमों की वापसी का मुद्दा अब राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के समक्ष उठा है। अलीगढ़ सहित कुल 50 केस प्रदेश के 12 जनपदों में दर्ज हुए थे, जिनमें टप्पल में एक केस में 67 नामजद व 400-500 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। पिछले दिनों टप्पल के युवाओं ने प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर से इस मुद्दे पर मांग की थी। उसी क्रम में राज्यमंत्री दिलेर ने राज्यपाल से मुलाकात कर केस वापसी का अनुरोध किया है।
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पिछले दिनों इन केसों की वापसी के लिए शासन स्तर से अलीगढ़ सहित सभी 12 जिलों से रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसमें 16 मानक तय करते हुए डीएम, एसएसपी और लोक अभियोजक की स्पष्ट राय मांगी थी। साथ में केस डायरी और साक्ष्यों की वर्तमान स्थिति पूछी गई थी। यह भी पूछा गया था कि क्या संबंधित मामले में कोई क्रॉस केस दर्ज है? अपराध की गंभीरता और सार्वजनिक क्षति का आकलन भी होगा। युवाओं के भविष्य और सामाजिक सद्भाव को देखते हुए सरकार ने यह सुधारात्मक कदम उठाया है। जिले से रिपोर्ट भेजी गई, लेकिन उस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ।
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टप्पल के युवाओं ने उठाई आवाज
टप्पल में दर्ज एफआईआर के संबंध में पिछले दिनों इलाके के युवाओं की ओर से सुरेंद्र दिलेर से मुलाकात कर ज्ञापन दिया गया, जिसमें एफआईआर वापसी का अनुरोध करते हुए राज्यपाल तक बात पहुंचाने के लिए कहा गया। उनका तर्क था कि उस समय बाहरी अराजक तत्व उपद्रव कर चले गए। पुलिस ने स्थानीय युवाओं पर एफआईआर की, जिसके चलते उनका भविष्य दाव पर है। इसी क्रम में शुक्रवार को राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर से राज्यपाल से मुलाकात कर पूरा विषय रखा और युवाओं की मांग संबंधी पत्र उन्हें देकर पढ़ने लिखने वाले नौजवानों के भविष्य को ध्यान में रखकर एफआईआर वापसी का अनुरोध किया। जिस पर राज्यपाल की ओर से उन्हें उचित भरोसा मिला है।
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बता दें कि 17 जून 2022 को अग्निपथ योजना के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने यमुना एक्सप्रेसवे पर जमकर तांडव मचाया था। टप्पल थाने की जट्टारी चौकी को फूंक दिया गया था। 12 निजी वाहन राख कर दिए गए और 10 सरकारी गाड़ियों को निशाना बनाया गया। हिंसा को रोकने पहुंचे एक सीओ और चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हिंसा के लिए दावा न्यायाधिकरण ने 69 आरोपियों पर 12 लाख रुपये की वसूली का आदेश भी दिया था।
12 जिलों के युवाओं की टिकी नजरें
अलीगढ़ के अलावा आगरा, मथुरा, गौतमबुद्धनगर, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, रायबरेली, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया शामिल हैं, जिनमें कुल 50 केस दर्ज हुए थे।