Aligarh News: वार्ष्णेय कॉलेज के बाहर युवक की हत्या में नामजद सहित चार हिरासत में, मुख्य आरोपी अभी फरार
इस घटना में घायल पृथ्वी के विषय में जांच में उजागर हो हुआ है कि हत्या पृथ्वी की होनी थी। चूंकि अंशू वहां था। उसके परिवार का विजेंद्र तोमर भी धीरज पर हमले में पृथ्वी के साथ जेल गया था। इसलिए दोनों पर गोली चला दी गई। पृथ्वी बच गया, जबकि अंशू की जान चली गई।
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अलीगढ़ के धर्म समाज व वार्ष्णेय कॉलेज के छात्र गुटों की रंजिश में 28 फरवरी दोपहर छर्रा अड्डा पुल के नीचे कारखाना श्रमिक युवक अंशू तोमर (20) की हत्या व छात्र पृथ्वी को गोली मारने की घटना में पुलिस ने एक नामजद व एक संदिग्ध इंटर्न अधिवक्ता सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है। साथ में हत्या में प्रयुक्त बाइक भी मिल गई है। दोनों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। मुख्य आरोपी धीरज व प्रशांत उर्फ गोलू की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही हैं।
गांधीपार्क थाना क्षेत्र में घटनाक्रम दोपहर करीब 12:30 बजे का है। श्री वार्ष्णेय कॉलेज के छात्र-छात्राओं का गुट कॉलेज के बाहर छर्रा अड्डा पुल के नीचे होली खेलने के बाद घर जा रहा था। तभी वहां साथियों संग खड़े बीए तृतीय वर्ष के छात्र महेंद्र नगर के पृथ्वीराज पर दो बाइकों पर आए हमलावरों ने फायरिंग कर दी। तमंचे से दो राउंड गोली चली, जिनमें से एक गोली पृथ्वी के पैर में लगी, जबकि दूसरी गोली उसके बुलावे पर आए दोस्त मडराक न्हौटी के अंशू तोमर की पीठ में लगी। घटना में अंशू की मौत हो गई। इस संबंध में सीसीटीवी व दर्ज रिपोर्ट के आधार पर नामजद मडराक पाली रजापुर के धीरज, मडराक सिखरना के प्रशांत उर्फ गोलू, मडराक क्षेत्र के ही राजा की तलाश शुरू की गई।
इस मामले में ताबड़तोड़ दबिश के बाद पुलिस ने राजा व एक अन्य इंटर्न अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया है। उससे हत्या में प्रयुक्त बाइक भी बरामद हुई है। यह बाइक उसी के नाम से है। पुलिस दोनों से पूछताछ में जुटी है। अब तक की जांच में इंटर्न अधिवक्ता की भूमिका पर संदेह है। घटना के समय उसकी लोकेशन घटनास्थल के आसपास ही पाई जा रही है। इसके अलावा दो अन्य संदिग्ध भी हिरासत में लिए हैं। साथ में पुलिस ने अलीगढ़ के मडराक क्षेत्र के अलावा हाथरस व दिल्ली तक एक दर्जन ठिकानों पर दबिश दी है। सीओ द्वितीय कमलेश कुमार बताते हैं कि पूछताछ व जांच के आधार पर कार्रवाई साफ होगी।
इस मामले में टीमें लगातार प्रयासरत हैं। जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जाएगा। कुछ लोग हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द सभी सही आरोपी जेल भेजे जाएंगे।-नीरज जादौन, एसएसपी
धीरज-गोलू के सोशल मीडिया अकाउंट हुए डिलीट
पुलिस जांच में उजागर हुआ है कि इस घटना से कुछ देर पहले तक नामजद धीरज व गोलू के सोशल मीडिया एकाउंट सक्रिय थे। मगर घटना के कुछ देर बाद ही दोनों के इंस्टाग्राम व फेसबुक पर सक्रिय सोशल मीडिया एकाउंट डिलीट हो गए हैं। उनसे सारा डाटा गायब हो गया है। इसलिए यह भी जानने में मुश्किल हो रही है कि दोनों के किन किन लोगों से संपर्क थे। फिलहाल पुलिस उनके परिजनों, रिश्तेदारों से संपर्क में है। साथ में सोशल मीडिया अकाउंट का पुराना डाटा निकलवाया जा रहा है।
पुलिस निगरानी में चल रहा पृथ्वी का उपचार
इस घटना में घायल पृथ्वी के विषय में जांच में उजागर हो हुआ है कि हत्या पृथ्वी की होनी थी। चूंकि अंशू वहां था। उसके परिवार का विजेंद्र तोमर भी धीरज पर हमले में पृथ्वी के साथ जेल गया था। इसलिए दोनों पर गोली चला दी गई। पृथ्वी बच गया, जबकि अंशू की जान चली गई। इधर, अंशू के पिता ने पृथ्वी पर ही हत्या कराने का आरोप लगाया है। इसलिए पुलिस ने उसे निगरानी में रखा हुआ है। अभी उसे क्लीनचिट नहीं दी गई है।
कॉलेजों में गुंडई के खिलाफ उठी आवाज
अलीगढ़ महानगर के प्रमुख डीएस व एसवी कॉलेज में आपराधिक गतिविधियों के बढ़ने व अब हत्या होने पर कॉलेजों में गुंडई पर रोकथाम की आवाज उठने लगी है। इसे लेकर रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने विभाग संगठन मंत्री विश्वेन्द्र, प्रदेश सह मंत्री खुशी सिंह व महानगर मंत्री पीयूष भारद्वाज की अगुवाई में प्रभारी एसपी सिटी को ज्ञापन दिया गया। साथ में आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान ज्ञापन में कहा गया कि प्रमुख कॉलेजों के बाहर और भीतर बाहरी अराजक तत्वों का जमावड़ा निरंतर बढ़ रहा है। ये तत्व न केवल शैक्षणिक अनुशासन भंग कर रहे हैं, बल्कि छात्राओं के साथ अभद्रता और सामान्य छात्रों को डराने-धमकाने का कार्य भी कर रहे हैं। एबीवीपी ने मांग की है कि संदिग्धों की पहचान कर उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा अनफिट वाहनों पर भी कार्रवाई की मांग की गई। इसमें सीधे सीधे आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस अवसर पर जतिन आर्य, यथार्थ सिंह, अमन, आकाश, दीपक, विवेक आदि थे।
कॉलेजों के बाहर पुलिस सक्रियता बढ़ाने के निर्देश
इस घटना के बाद एसएसपी स्तर से दोनों प्रमुख कॉलेजों के बाहर पुलिस सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि कालेज प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कर ऐसी व्यवस्था की जाए कि बेवजह बाहरी तत्व कॉलेजों में प्रवेश न कर सकें। साथ में कालेजों के आसपास के कैफे व चाय आदि की दुकानों पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
