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Aligarh News: 11 फर्मों का सहारा..समाज कल्याण के ठेकों में सिंडिकेट की ओर इशारा
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उन्नाव में टीएमसी छपे गद्दे सप्लाई देने वाली फर्म के शोर के बीच अलीगढ़ से जुड़ी 11 फर्मों पर भी समाज कल्याण विभाग में प्रदेश में सिंडिकेट बनाकर काम लेने की कोशिश के संकेत हैं। इस संबंध में प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से शिकायत हुई है। इसमें कहा गया है कि अलीगढ़ के एक परिवार यानी व्यक्ति विशेष की ओर से रिश्तेदारों, करीबियों व परिचितों के नाम पर फर्म बना सिंडिकेट बनाने का प्रयास हो रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में फर्मों की जांच शुरू करा दी गई है।
कासगंज की ठंडी सड़क निवासी हरिओम प्रताप सिंह की ओर से समाज कल्याण मंत्री को लखनऊ में शिकायत दी गई। इसमें कहा गया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में एनजीओ या सामाजिक संस्था के रूप में पंजीकृत फर्म के जरिये समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धाश्रम संचालित किए जाते हैं।
इस योजना के तहत पूर्व में अलीगढ़ छर्रा के नगला बादशाह के एक ही परिवार यानी व्यक्ति विशेष अशर्फी लाल की ओर से अब तक प्रदेश के 16 जिलों में अपनी चार फर्मों के सहारे वृद्धाश्रम चलाए गए। अब शासन ने नए सिरे से प्रदेश में वृद्धाश्रम के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। इसमें इसी परिवार की ओर से सात नई फर्म अपने परिवार, रिश्तेदार व करीबियों को जोड़कर बनाई गई हैं। उनके सहारे प्रदेश के अलग-अलग कई जिलों में काम लेने का प्रयास है।
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इन फर्मों का रिकार्ड कूटरचित बनाया गया है। आरोप है कि 2014 में एक फर्म से इस परिवार ने काम शुरू कर 2017 में तीन नई फर्म बनाईं। अब सात नई फर्म बनाकर प्रदेश में सिंडिकेट स्थापित करने का प्रयास हो रहा है। इस परिवार द्वारा जनहितकारी सेवा समिति के जरिये हाईकोर्ट में निविदा प्रक्रिया निरस्त कराने के लिए याचिका भी दायर की गई है। बजट ठिकाने लगाने के मकसद से ऐसा करने का आरोप लगाया है। साथ में इन सभी फर्मों की जांच कराने का अनुरोध किया है।
अशर्फी लाल के परिवार, करीबियों व रिश्तेदारों के माध्यम से नई फर्म बनाकर समाज कल्याण के ठेके में शामिल होकर एक सिंडिकेट बनाने के संबंध में शिकायत मिली है। पूर्व में भी इन्होंने सपा शासन काल में कुछ जिलों में वृद्धाश्रम आवंटित कराए थे। अब नए सिरे से निविदा आमंत्रित की गई हैं। शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर प्रदेश भर में उनकी फर्मों की ओर से अब तक किए गए कामों व नई फर्मों के पूरे विवरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में अशर्फी लाल का पक्ष भी सुना जाएगा। उसके आधार पर आगे निविदा प्रक्रिया व कार्रवाई तय होगी। किसी को सिंडिकेट नहीं बनाने दिया जाएगा।-असीम अरुण, समाज कल्याण मंत्री
मेरी एक फर्म मेरे नाम से है और मैं सिर्फ हाथरस व अलीगढ़ में काम करता हूं। बाकी मेरा किसी अन्य फर्म से कोई नाता नहीं है और न कोई परिवार का सदस्य है। आरोप निराधार हैं। जांच में यह सब बताया जाएगा।-अशर्फी लाल, फर्म संचालक
प्रदेश भर के जिलों में जुटाया जा रहा ब्योरा
प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री द्वारा जांच शुरू कराए जाने के क्रम में शिकायत में शामिल सभी फर्मों के विषय में सभी जिलों से शासन स्तर पर ब्योरा जुटाया जाने लगा है। प्रत्येक जिले से पूछा जा रहा है कि इन सभी फर्मों ने कब और क्या काम किया है। उसके अनुसार हर जिले से ब्योरा भेजा जा रहा है।
ये फर्म पहले करती रहीं काम
-अशर्फी ग्रामोद्योग संस्थान छर्रा अलीगढ़
-श्याम ग्रामोद्योग संस्थान छर्रा अलीगढ़
-जनहितकारी सेवा समिति राम नगर अलीगढ़
-ग्रामीण विकास सेवा संस्थान अतरौली अलीगढ़
-- अब ये नई फर्म खड़ी की गईं--
-ग्रामीण विकास संस्थान छर्रा अलीगढ़
-बाबा नीम करौरी शिक्षा समिति हाथरस
-राधा खादी ग्रामोद्योग बुनकर सेवा समिति हाथरस
-रसिक एजूकेशन सोसाइटी सासनी हाथरस
-श्री बिहारी जी शिक्षा ग्राम विकास संस्थान राया मथुरा
-गौरव विकास संस्थान कासगंज
-द्वारिका प्रसाद जन कल्याण समिति कासगंज
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कासगंज की ठंडी सड़क निवासी हरिओम प्रताप सिंह की ओर से समाज कल्याण मंत्री को लखनऊ में शिकायत दी गई। इसमें कहा गया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में एनजीओ या सामाजिक संस्था के रूप में पंजीकृत फर्म के जरिये समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धाश्रम संचालित किए जाते हैं।
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इस योजना के तहत पूर्व में अलीगढ़ छर्रा के नगला बादशाह के एक ही परिवार यानी व्यक्ति विशेष अशर्फी लाल की ओर से अब तक प्रदेश के 16 जिलों में अपनी चार फर्मों के सहारे वृद्धाश्रम चलाए गए। अब शासन ने नए सिरे से प्रदेश में वृद्धाश्रम के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। इसमें इसी परिवार की ओर से सात नई फर्म अपने परिवार, रिश्तेदार व करीबियों को जोड़कर बनाई गई हैं। उनके सहारे प्रदेश के अलग-अलग कई जिलों में काम लेने का प्रयास है।
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इन फर्मों का रिकार्ड कूटरचित बनाया गया है। आरोप है कि 2014 में एक फर्म से इस परिवार ने काम शुरू कर 2017 में तीन नई फर्म बनाईं। अब सात नई फर्म बनाकर प्रदेश में सिंडिकेट स्थापित करने का प्रयास हो रहा है। इस परिवार द्वारा जनहितकारी सेवा समिति के जरिये हाईकोर्ट में निविदा प्रक्रिया निरस्त कराने के लिए याचिका भी दायर की गई है। बजट ठिकाने लगाने के मकसद से ऐसा करने का आरोप लगाया है। साथ में इन सभी फर्मों की जांच कराने का अनुरोध किया है।
अशर्फी लाल के परिवार, करीबियों व रिश्तेदारों के माध्यम से नई फर्म बनाकर समाज कल्याण के ठेके में शामिल होकर एक सिंडिकेट बनाने के संबंध में शिकायत मिली है। पूर्व में भी इन्होंने सपा शासन काल में कुछ जिलों में वृद्धाश्रम आवंटित कराए थे। अब नए सिरे से निविदा आमंत्रित की गई हैं। शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर प्रदेश भर में उनकी फर्मों की ओर से अब तक किए गए कामों व नई फर्मों के पूरे विवरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में अशर्फी लाल का पक्ष भी सुना जाएगा। उसके आधार पर आगे निविदा प्रक्रिया व कार्रवाई तय होगी। किसी को सिंडिकेट नहीं बनाने दिया जाएगा।-असीम अरुण, समाज कल्याण मंत्री
मेरी एक फर्म मेरे नाम से है और मैं सिर्फ हाथरस व अलीगढ़ में काम करता हूं। बाकी मेरा किसी अन्य फर्म से कोई नाता नहीं है और न कोई परिवार का सदस्य है। आरोप निराधार हैं। जांच में यह सब बताया जाएगा।-अशर्फी लाल, फर्म संचालक
प्रदेश भर के जिलों में जुटाया जा रहा ब्योरा
प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री द्वारा जांच शुरू कराए जाने के क्रम में शिकायत में शामिल सभी फर्मों के विषय में सभी जिलों से शासन स्तर पर ब्योरा जुटाया जाने लगा है। प्रत्येक जिले से पूछा जा रहा है कि इन सभी फर्मों ने कब और क्या काम किया है। उसके अनुसार हर जिले से ब्योरा भेजा जा रहा है।
ये फर्म पहले करती रहीं काम
-अशर्फी ग्रामोद्योग संस्थान छर्रा अलीगढ़
-श्याम ग्रामोद्योग संस्थान छर्रा अलीगढ़
-जनहितकारी सेवा समिति राम नगर अलीगढ़
-ग्रामीण विकास सेवा संस्थान अतरौली अलीगढ़
-ग्रामीण विकास संस्थान छर्रा अलीगढ़
-बाबा नीम करौरी शिक्षा समिति हाथरस
-राधा खादी ग्रामोद्योग बुनकर सेवा समिति हाथरस
-रसिक एजूकेशन सोसाइटी सासनी हाथरस
-श्री बिहारी जी शिक्षा ग्राम विकास संस्थान राया मथुरा
-गौरव विकास संस्थान कासगंज
-द्वारिका प्रसाद जन कल्याण समिति कासगंज